जयपुर। राजस्थान के गरीब और कमजोर वर्गों के लिए 'राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम' (NSAP) सामाजिक सुरक्षा का एक अभेद्य आधार स्तंभ बनकर उभरा है। राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने इस योजना की महत्ता को रेखांकित करते हुए बताया कि राजस्थान इस दिशा में अपनी प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित कर रहा है। सदन में केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान द्वारा दिए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2026 तक देश भर में लगभग 3.09 करोड़ बीपीएल लाभार्थियों को इस कार्यक्रम के तहत लाभान्वित किया जा रहा है। राजस्थान में भी यह योजना जीवन रेखा साबित हो रही है, जहाँ अकेले इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के अंतर्गत 8,23,972 लाभार्थियों को सीधे तौर पर सामाजिक सहायता प्राप्त हो रही है।

प्रदेश में इस योजना के व्यापक विस्तार का विवरण देते हुए मदन राठौड़ ने स्पष्ट किया कि समाज के हर वंचित वर्ग तक सरकारी सहायता की पहुंच सुनिश्चित की गई है। प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक, राजस्थान में विधवा पेंशन योजना के तहत 3,15,048 महिलाएं, विकलांगता पेंशन योजना के माध्यम से 30,513 दिव्यांगजन, राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना के अंतर्गत 12,347 परिवार तथा अन्नपूर्णा योजना के माध्यम से 47,500 लाभार्थी लाभान्वित हो रहे हैं। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि केंद्र और राज्य सरकार का समन्वय समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को मुख्यधारा से जोड़ने में सफल रहा है।

वित्तीय सुदृढ़ता के परिप्रेक्ष्य में मदन राठौड़ ने जानकारी साझा की कि वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान राजस्थान को इस कार्यक्रम के लिए 608.67 करोड़ रुपए की भारी-भरकम राशि जारी की गई थी। वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 की प्रगति का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि 31 जनवरी 2026 तक राज्य को 148.93 करोड़ रुपए की किश्तें प्राप्त हो चुकी हैं। लाभार्थियों की पारदर्शी पहचान के लिए ग्राम पंचायतों और नगर निकायों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा कि निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही पात्र व्यक्तियों का चयन किया जाता है, जिससे भ्रष्टाचार की गुंजाइश खत्म होती है और वास्तविक जरूरतमंदों तक लाभ पहुंचता है।

पेंशन राशि की उपयोगिता और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि समय-समय पर किए जाने वाले प्रभावी मूल्यांकन और आकलनों से यह सुखद तथ्य सामने आया है कि लाभार्थी इस सहायता राशि का मुख्य उपयोग भोजन और स्वास्थ्य जैसी मौलिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए कर रहे हैं। मदन राठौड़ ने जोर देकर कहा कि एनएसएपी केवल एक वित्तीय सहायता कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह गरीबी उन्मूलन, असमानता में कमी और खाद्य सुरक्षा जैसे 'सतत विकास लक्ष्यों' की प्राप्ति में एक निर्णायक भूमिका निभा रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से भविष्य में सहायता राशि में और वृद्धि करने, समय पर भुगतान सुनिश्चित करने तथा डिजिटल निगरानी प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाने का आग्रह किया ताकि सामाजिक सुरक्षा का यह तंत्र और अधिक सशक्त बन सके।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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