राजस्थान: सुमेरपुर के 6 गांवों में बनेंगे नए उप स्वास्थ्य केंद्र, ₹330 लाख स्वीकृत
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत सुमेरपुर विधानसभा के छह गांवों में आधुनिक स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण हेतु प्रति केंद्र 55 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति मिली।

सुमेरपुर विधायक और कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत (बाएं से दूसरे) क्षेत्र की सुख-समृद्धि के लिए आयोजित धार्मिक अनुष्ठान में भाग लेते हुए।
राजस्थान के ग्रामीण अंचल में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ और सुलभ बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने नए उप स्वास्थ्य केंद्रों के भवन निर्माण के लिए 8030 लाख रुपए की वित्तीय स्वीकृति जारी की है, जिसके तहत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत राज्य में कुल 146 स्वास्थ्य उप केंद्रों के नए भवन बनाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की अनुशंसा पर स्वीकृत इस राशि में सुमेरपुर विधानसभा क्षेत्र के गांव मादड़ी, एंदलावास, कानेलाव, खेतावास, वडेरवास और खरोकड़ा को भी शामिल किया गया है। इन छह गांवों में नए स्वास्थ्य उप केंद्रों के भवनों का निर्माण किया जाएगा। स्थानीय विधायक तथा पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के कैबिनेट मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने इस स्वीकृति पर मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा और चिकित्सा मंत्री गजेंद्रसिंह खींवसर के प्रति आभार व्यक्त किया है।
श्री कुमावत ने बताया कि प्रत्येक उप स्वास्थ्य केंद्र के लिए 55 लाख रुपए की राशि मंजूर की गई है, जिसके अनुसार इन छह केंद्रों के निर्माण पर कुल 330 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाओं की कमी को ध्यान में रखते हुए नए उप स्वास्थ्य केंद्र स्थापित करने और जर्जर भवनों को बदलकर आधुनिक भवन निर्माण का निर्णय लिया है।
परियोजना के तहत चिन्हित स्थानों पर आधुनिक सुविधाओं से लैस भवन बनाए जाएंगे, जिनमें प्रसव कक्ष, टीकाकरण और सामान्य ओपीडी की सेवाएं उपलब्ध होंगी। इन केंद्रों में आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की व्यवस्था की जाएगी, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी। साथ ही चिकित्सा कर्मियों को बेहतर कार्य वातावरण मिलेगा, जिससे सेवाएं अधिक प्रभावी ढंग से प्रदान की जा सकेंगी।
उन्होंने कहा कि इन उप स्वास्थ्य केंद्रों के ‘हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर’ (HWC) में अपग्रेड होने से गंभीर बीमारियों की शुरुआती चरण में पहचान और जांच संभव हो सकेगी। इन केंद्रों पर एएनएम और स्टाफ नर्स की उपस्थिति में 12 प्रकार की स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे ग्रामीणों को प्राथमिक उपचार, मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाएं और टीकाकरण के लिए शहरों की ओर नहीं जाना पड़ेगा।
विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीणों ने इस निर्णय का स्वागत किया है। लंबे समय से यह मांग की जा रही थी कि छोटे-मोटे उपचार के लिए 20 से 30 किलोमीटर दूर न जाना पड़े। इस स्वीकृति से न केवल चिकित्सा सेवाएं मजबूत होंगी, बल्कि दूर-दराज के गांवों में स्वास्थ्य स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार आएगा।

Pratahkal Bureau
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