जयपुर, 9 मार्च। सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम कुमार दक ने बताया कि भारत सरकार से स्वीकृति प्राप्त हो जाने के बाद राजफेड द्वारा रबी-2026 के अंतर्गत सरसों एवं चना की समर्थन मूल्य पर खरीद शीघ्र शुरू की जा रही है। उन्होंने बताया कि राजफेड के चार क्षेत्रीय कार्यालयों कोटा, अजमेर, भरतपुर एवं श्रीगंगानगर में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 15 मार्च से एवं खरीद 25 मार्च से शुरू होगी। जबकि, शेष चार क्षेत्रीय कार्यालयों जयपुर, जोधपुर, उदयपुर एवं बीकानेर में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 20 मार्च एवं खरीद 1 अप्रेल से शुरू होगी।

समर्थन मूल्य और खरीद की निर्धारित सीमा

श्री दक ने बताया कि "भारत सरकार द्वारा सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य 6,200 रुपये प्रति क्विंटल एवं चना का समर्थन मूल्य 5,875 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया गया है।" राज्य में सरसों की 13.78 लाख मीट्रिक टन एवं चना की 5.53 लाख मीट्रिक टन खरीद की सीमा निर्धारित की गई है। उन्होंने बताया कि जिलेवार सीमा ऑनलाइन उपलब्ध करवा दी गई है। अजमेर, जोधपुर, बीकानेर एवं कोटा क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत आने वाले 19 जिलों में एनसीसीएफ द्वारा एवं जयपुर, उदयपुर, श्रीगंगानगर एवं भरतपुर क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत आने वाले 22 जिलों में नेफेड द्वारा खरीद कार्य करवाया जाएगा।

पंजीकरण प्रक्रिया और बायोमीट्रिक पहचान

सहकारिता मंत्री ने बताया कि "सरसों एवं चना विक्रय के इच्छुक किसान स्वयं क्यूआर कोड स्कैन कर अथवा ई-मित्र के माध्यम से पंजीकरण करवा सकेंगे।" समर्थन मूल्य पर खरीद किसानों की आधार आधारित बायोमीट्रिक पहचान के माध्यम से ही की जाएगी। भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार नैफेड और एनसीसीएफ के लिए समर्थन मूल्य पर खरीद 60 दिवस की अवधि में की जाएगी। सहकारिता मंत्री ने राजफेड को निर्देश दिए हैं कि खरीद केंद्रों पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से सुनिश्चित कर ली जाए।

गुणवत्ता मानक और किसान सहायता केंद्र

सहकारिता मंत्री ने कहा कि "किसान पूर्व की भांति एफएक्यू गुणवत्ता मापदण्डों के अनुरूप अपनी फसल क्षेत्र की क्रय-विक्रय अथवा ग्राम सेवा सहकारी समिति केन्द्र पर विक्रय कर सकेंगे।" किसानों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो इसके लिए राजफेड में कॉल सेन्टर 18001806001 स्थापित किया गया है। उन्होंने किसानों से अनुरोध किया कि "वे अपनी फसल को साफ-सुथरा कर तथा छानकर क्रय केन्द्रों पर लाएं ताकि गुणवत्ता मापदण्डों के अनुरूप जिंस विक्रय कर सकें।"

क्षेत्रीय कार्यालयों के अंतर्गत जिलों का विवरण

जयपुर क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत जयपुर, कोटपूतली-बहरोड़, दौसा, सीकर, टोंक और झुंझुनूं जिले शामिल हैं। उदयपुर के अंतर्गत उदयपुर, सलूम्बर, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, राजसमंद, डूंगरपुर एवं बांसवाड़ा आते हैं। श्रीगंगानगर कार्यालय में श्रीगंगानगर एवं हनुमानगढ़ जिले हैं। भरतपुर के तहत भरतपुर, अलवर, खैरथल-तिजारा, डीग, धौलपुर, करौली और सवाई माधोपुर शामिल हैं। अजमेर कार्यालय में अजमेर, नागौर, भीलवाड़ा, ब्यावर और कुचामन-डीडवाना जिले आते हैं। जोधपुर के अंतर्गत जोधपुर, बाड़मेर, जैसलमेर, पाली, सिरोही, जालोर, बालोतरा एवं फलौदी जिले हैं। बीकानेर के तहत बीकानेर एवं चूरू जिले शामिल हैं, जबकि कोटा कार्यालय के अंतर्गत कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ जिले आते हैं।

Pratahkal Bureau

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