राजस्थान: सरसों-चना एमएसपी खरीद में गड़बड़ी पर उप रजिस्ट्रार होंगे जिम्मेदार
सहकारिता मंत्री गौतम कुमार दक ने राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में अनियमितताओं पर जीरो टॉलरेंस की चेतावनी दी और 30 अक्टूबर तक सोसायटियों की आमसभा बुलाने के निर्देश दिए।

जयपुर। राजस्थान में किसानों की उपज खरीद और सहकारी समितियों के कामकाज को लेकर राज्य सरकार ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम कुमार दक ने स्पष्ट किया है कि आगामी सरसों और चना की एमएसपी खरीद में किसी भी स्तर पर अनियमितता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंगलवार को जयपुर स्थित अपेक्स बैंक सभागार में आयोजित विभाग की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने जीरो टॉलरेंस की नीति का उद्घोष किया। मंत्री ने दोटूक शब्दों में चेतावनी दी कि यदि खरीद प्रक्रिया में कहीं भी गड़बड़ी पाई गई तो संबंधित जिले के उप रजिस्ट्रार सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे और लापरवाही बरतने वाले अतिरिक्त रजिस्ट्रार (खंड) के विरुद्ध भी कठोर दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
किसानों को उनकी उपज का उचित दाम दिलाने की मंशा जाहिर करते हुए श्री दक ने निर्देश दिए कि एमएसपी खरीद प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और शिकायत मुक्त होनी चाहिए। उन्होंने उन खरीद केंद्रों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए जहां पूर्व में धांधली की शिकायतें रही हैं। फर्जी रजिस्ट्रेशन करने वाले भू-माफियाओं और बिचौलियों पर नकेल कसने के साथ-साथ किसानों से निरंतर फीडबैक लेने पर जोर दिया गया है। व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए उप रजिस्ट्रार और राजफेड के क्षेत्रीय अधिकारियों को प्रतिदिन केंद्रों का औचक निरीक्षण करना होगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सहकारी अधिनियम की धारा 55 एवं 57 के तहत जिन प्रकरणों में गबन और अनियमितताएं प्रमाणित हो चुकी हैं, उनमें तत्काल प्रभाव से एफआईआर दर्ज कर चालान पेश किया जाए। साथ ही, जांच शुरू होते ही न्यायालय में अनिवार्य रूप से कैवियट लगाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि विधिक प्रक्रिया में कोई बाधा न आए।
सहकारी समितियों के लोकतंत्रीकरण और पारदर्शिता को सुदृढ़ करने के लिए मंत्री ने प्रदेश की सभी सोसायटियों को 30 अक्टूबर तक अनिवार्य रूप से आमसभा आयोजित करने का अल्टीमेटम दिया है। ऑडिट और आमसभा के डेटा को मासिक रूप से तैयार करने के साथ ही इनका व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाएगा। क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियों की कार्यप्रणाली पर अंकुश लगाने हेतु नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में नई समितियों के गठन, गोदाम निर्माण हेतु भूमि आवंटन, सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति और भूमि विकास बैंकों के ऋणी सदस्यों के लिए संचालित एकमुश्त समझौता योजना (OTS) से अधिक से अधिक लोगों को लाभान्वित करने पर चर्चा हुई। मंत्री ने अपने कार्यालय में लंबित जनसुनवाई के प्रकरणों का भी अनुभागवार विश्लेषण कर उनके त्वरित निस्तारण के आदेश दिए।
प्रशासनिक स्तर पर कमान कसते हुए सहकारिता विभाग की शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार श्रीमती आनन्दी ने एमएसपी खरीद को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने घोषणा की कि फील्ड अधिकारियों को प्रतिदिन मुख्यालय से चेकिंग के लिए विशिष्ट केंद्रों के नाम आवंटित किए जाएंगे और क्रय-विक्रय सहकारी समितियों के मैनेजरों की मुख्यालय पर उपस्थिति अनिवार्य होगी। राजफेड के प्रबंध निदेशक श्री बचनेश कुमार अग्रवाल ने तकनीकी तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि आगामी 25 मार्च से शुरू होने वाली खरीद के लिए प्रति केंद्र अधिकतम दो हजार टोकन की सीमा निर्धारित की गई है। इस उच्च स्तरीय बैठक में विभाग के सभी फंक्शनल अधिकारी, शीर्ष सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधि और जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे, जो प्रदेश की सहकारिता व्यवस्था को भ्रष्टाचार मुक्त और किसान हितैषी बनाने के संकल्प के साक्षी बने।

Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
