जयपुर, 1 सितंबर। महानिदेशक पुलिस श्री राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार अंतरराज्यीय सीमावर्ती क्षेत्रों में मादक पदार्थों की तस्करी और अन्य गंभीर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए राजस्थान एवं मध्यप्रदेश पुलिस ने संयुक्त ‘काउंटर नारकोटिक्स ऑपरेशन’ चलाकर बड़ी कार्रवाई की। बांसवाड़ा और रतलाम पुलिस के बीच अंतरराज्यीय समन्वय के बाद दोनों राज्यों में एक साथ दबिश देकर कुल 24 स्थायी वारंटियों को गिरफ्तार किया गया।

कार्रवाई के तहत बांसवाड़ा पुलिस ने मध्यप्रदेश पुलिस के 15 स्थायी वारंटियों को दस्तयाब कर एमपी पुलिस को सौंपा, जबकि रतलाम पुलिस ने राजस्थान पुलिस के 9 स्थायी वारंटियों को दस्तयाब कर राजस्थान पुलिस की बांसवाड़ा टीम को सुपुर्द किया। इनमें बांसवाड़ा जिले में रह रहे मध्यप्रदेश पुलिस के वांछित आरोपी तथा रतलाम जिले में रह रहे राजस्थान पुलिस के स्थायी वारंटी शामिल हैं।

संयुक्त पुलिस कार्रवाई में सबसे उल्लेखनीय गिरफ्तारी वर्ष 1995 के एक प्रकरण में पिछले 31 वर्षों से फरार 92 वर्षीय वांछित आरोपी उदय लाल पुत्र हुकिया की हुई। संयुक्त पुलिस टीम ने उसे बांसवाड़ा जिले से गिरफ्तार किया और मध्यप्रदेश पुलिस को सुपुर्द कर दिया।

पुलिस अधीक्षक बांसवाड़ा सुधीर जोशी ने बताया कि डीजीपी/आईजीपी कॉन्फ्रेंस-2022 की अनुशंसाओं के अनुपालना में अंतरराज्यीय सीमावर्ती क्षेत्रों में मादक पदार्थों के विरुद्ध अभियान तथा अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए राजस्थान एवं मध्यप्रदेश पुलिस के बीच संयुक्त कार्रवाई की जा रही है। अभियान का उद्देश्य दोनों राज्यों के पुलिस बलों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना, सूचनाओं का आदान-प्रदान मजबूत करना तथा वांछित अपराधियों की धरपकड़ सुनिश्चित करना है।

इसी क्रम में सोमवार 31 अगस्त को रतलाम में पुलिस अधीक्षक रतलाम अमित कुमार की अध्यक्षता में बांसवाड़ा एवं रतलाम पुलिस अधिकारियों की समन्वय बैठक हुई। बैठक में रतलाम जिले में रह रहे राजस्थान पुलिस के वांछित अपराधियों, विशेष रूप से मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में वांछित आरोपियों की तलाश एवं गिरफ्तारी को लेकर कार्ययोजना पर चर्चा की गई। इसके बाद मंगलवार को बांसवाड़ा में पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी की अध्यक्षता में दूसरी समन्वय बैठक आयोजित हुई। इसमें बांसवाड़ा जिले में रह रहे मध्यप्रदेश पुलिस के वांछित अपराधियों की पहचान, तलाश और गिरफ्तारी के लिए संयुक्त कार्रवाई की रणनीति तैयार की गई।

समन्वय बैठकों के बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में मंगलवार को बांसवाड़ा एवं रतलाम पुलिस की संयुक्त टीमों ने सघन जांच और दबिश अभियान चलाया। एसपी जोशी एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरपत सिंह के पर्यवेक्षण तथा सीओ वृत्त घाटोल देवेंद्र सिंह के नेतृत्व में बांसवाड़ा जिले में रह रहे और छिपकर रह रहे मध्यप्रदेश पुलिस के 15 स्थायी वारंटियों को दस्तयाब किया गया और मध्यप्रदेश पुलिस को सुपुर्द किया गया। इसी प्रकार संयुक्त अभियान के दौरान रतलाम जिले में रह रहे राजस्थान पुलिस के 9 स्थायी वारंटियों को भी दस्तयाब कर राजस्थान पुलिस की बांसवाड़ा टीम को सुपुर्द किया गया। इस संयुक्त कार्रवाई से दोनों राज्यों के बीच अंतरराज्यीय समन्वय के तहत वांछित अपराधियों की धरपकड़ की दिशा में कार्रवाई आगे बढ़ी।

Updated On
Next Story