जयपुर, 16 जुलाई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मानसून सीजन के दौरान प्रशासन को हर परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि जनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्थिति में आमजन को असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मानसून के मद्देनजर सभी आवश्यक कार्यों में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाए तथा बारिश के बाद सड़कों की मरम्मत सहित किए जाने वाले सभी कार्यों की पूर्व कार्ययोजना तैयार रखी जाए।

मुख्यमंत्री गुरुवार को मानसून के मद्देनजर की जा रही तैयारियों तथा वर्षा उपरांत सड़क मरम्मत कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदेशभर में नालों की शत-प्रतिशत सफाई सुनिश्चित की जाए और कहीं भी नाले अवरुद्ध नहीं रहने चाहिए, ताकि जल निकासी में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो तथा ओवरफ्लो के कारण सड़कों के क्षतिग्रस्त होने जैसी स्थिति से बचा जा सके।

उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि सभी राजकीय भवनों की छतों पर बने नालों की नियमित सफाई सुनिश्चित कराई जाए, जिससे जलभराव के कारण भवनों को नुकसान न पहुंचे और इससे फैलने वाली मौसमी बीमारियों की रोकथाम भी प्रभावी ढंग से की जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएं। इसके तहत अस्पतालों में दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता और आपातकालीन चिकित्सा सहायता की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि इन कार्यों में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जहां भी लापरवाही पाई जाएगी, वहां जवाबदेही तय की जाएगी और संबंधित अधिकारियों एवं कार्मिकों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने आपदा राहत कार्यों के लिए प्रशासन को अलर्ट मोड पर कार्य करने तथा नियंत्रण कक्षों का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बैठक में आपदा एवं बाढ़ प्रबंधन, बांधों की भराव स्थिति तथा क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों की मरम्मत के लिए बनाई जाने वाली कार्ययोजना पर भी विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में जल उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने पेयजल से संबंधित सभी बांधों का सूचीकरण करने तथा ओवरफ्लो होने वाले पानी के अधिकतम उपयोग के लिए दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बारिश के पानी को व्यर्थ बहने से रोका जाए और उसके समुचित उपयोग की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री के निर्देशों के साथ राज्य सरकार ने मानसून प्रबंधन, आपदा राहत, सड़क मरम्मत, जल निकासी, स्वास्थ्य व्यवस्थाओं और जल संरक्षण से जुड़े सभी कार्यों में जवाबदेही तय करते हुए समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया।

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