राजस्थान में जल संरक्षण एवं भू-जल संवर्धन कार्यों को व्यापक स्तर पर गति देने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान (MJSA) 2.0 के द्वितीय एवं तृतीय चरण के सुचारू क्रियान्वयन के लिए सरकार द्वारा 688.28 करोड़ रुपये की भारी-भरकम वित्तीय स्वीकृतियाँ जारी कर दी गई हैं। इस महाअभियान के तहत संपूर्ण प्रदेश में जल संरक्षण संरचनाओं का विकास, वर्षा जल संचयन तथा भू-जल पुनर्भरण के विभिन्न महत्वपूर्ण कार्य युद्ध स्तर पर किए जाएंगे।

राज्य सरकार द्वारा जारी की गई इस वित्तीय स्वीकृति के तहत अभियान के द्वितीय चरण के लिए जल संरक्षण उपकर निधि (Water Conservation Cess Fund) से 488.28 करोड़ रुपये की राशि दी गई है, जबकि तृतीय चरण के लिए राज्य निधि प्रावधान से 200 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत कर जारी की गई है। जल ग्रहण विकास एवं भू-संरक्षण विभाग की निदेशक एवं पदेन विशिष्ट शासन सचिव श्रीमती कल्पना अग्रवाल ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि प्रदेशभर में जल संरक्षण, जलग्रहण विकास, भू-संरक्षण एवं जल संवर्धन से जुड़े कार्यों को अत्यंत व्यापक स्तर पर क्रियान्वित किया जा रहा है और इस नई राशि के जारी होने से अभियान को एक नई व सुदृढ़ गति प्राप्त होगी।

इस महत्वाकांक्षी अभियान के वित्तीय ढांचे को स्पष्ट करते हुए निदेशक श्रीमती कल्पना अग्रवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0 के द्वितीय चरण के लिए इससे पूर्व भी 300 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा चुकी है। इस प्रकार, नवीन और पूर्ववर्ती आवंटन को मिलाकर राज्य सरकार द्वारा इस अभियान के तहत अब तक विभिन्न चरणों में कुल 988.28 करोड़ रुपये की भारी राशि स्वीकृत की जा चुकी है। द्वितीय चरण के लिए अब जो अतिरिक्त 488.28 करोड़ रुपये जारी हुए हैं, वह Water Conservation Cess Committee की बाकायदा स्वीकृति मिलने के बाद जारी किए गए हैं। इसके साथ ही राजकीय शुचिता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा कड़े निर्देश दिए गए हैं कि इस विशिष्ट निधि से किए गए समस्त कार्यों का एक सर्वथा पृथक लेखा रखा जाएगा तथा प्रगति का संपूर्ण विवरण नियमित रूप से समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

आगामी योजनाओं को अमलीजामा पहनाने की दिशा में विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंतर्गत मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0 के तृतीय चरण के लिए स्वीकृत 200 करोड़ रुपये की राशि को 33 जिलों के परियोजना प्रबंधकों के निजी निक्षेप खातों में हस्तांतरित करने के आधिकारिक आदेश भी जारी कर दिए हैं। इस अभियान की सबसे खास बात यह है कि इसमें राज्य के नवगठित जिलों के विकास का भी पूरा ध्यान रखा गया है।

श्रीमती अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि जारी की गई इन स्वीकृतियों में नवगठित जिलों के लिए उपयोग की जाने वाली आवश्यक राशि को भी पूर्ण रूप से शामिल किया गया है। प्रशासनिक सुगमता के लिए इन नवगठित जिलों की राशि पूर्ववत पुराने जिलों के निजी निक्षेप खातों में ही हस्तांतरित की जाएगी, जिससे नए जिलों में भी बिना किसी व्यावहारिक अवरोध के जल संरक्षण कार्यों को तीव्र रफ्तार मिल सकेगी। राज्य सरकार का यह सुनियोजित प्रयास मरुधरा के जल संकट को समाप्त करने और भविष्य के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करने में एक युगांतकारी परिवर्तन साबित होगा।

Pratahkal Bureau

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