जयपुर, 21 जुलाई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान खनन क्षेत्र में लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। प्रधान खनिजों के 141 खनिज ब्लॉकों की ई-नीलामी के साथ राजस्थान ने देशभर में प्रधान खनिजों की नीलामी के मामले में पहला स्थान हासिल किया है। मुख्यमंत्री के निर्देशों की अनुपालना में खनिज खोज और खनिज ब्लॉकों की योजनाबद्ध नीलामी के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार की गई, जिसके परिणामस्वरूप खान विभाग ने मेजर मिनरल ब्लॉकों की ई-नीलामी में नया रिकॉर्ड बनाया है।

चालू वित्तीय वर्ष के शुरुआती तीन से साढ़े तीन माह के दौरान ही 14 प्रधान खनिज ब्लॉकों की ई-नीलामी की जा चुकी है। वहीं, खनन विभाग ने वर्ष 2026-27 के लिए 55 प्रधान खनिज ब्लॉकों की नीलामी की कार्ययोजना तैयार कर उसका क्रियान्वयन भी शुरू कर दिया है।

राज्य सरकार के अनुसार, विगत ढाई वर्षों में प्रदेश में 102 प्रधान खनिज ब्लॉकों की ई-नीलामी की गई है। इसके विपरीत नई व्यवस्था लागू होने से लेकर 14 दिसंबर, 2023 तक केवल 39 प्रधान खनिज ब्लॉकों की ही नीलामी हो सकी थी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशन में वर्ष 2024-25 में 34 तथा वर्ष 2025-26 में 39 प्रधान खनिज ब्लॉकों की ई-नीलामी की गई।

खान एवं भूविज्ञान विभाग द्वारा खनिज खोज से लेकर ई-नीलामी तक की पूरी प्रक्रिया की सघन एवं नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। इसके चलते प्रदेश में खनिज खोज और ई-ऑक्शन प्रक्रिया को गति मिली है। विभाग ने पोस्ट ऑक्शन फेसिलिटेशन सेल का गठन भी किया है, जो नीलाम किए गए ब्लॉकों को पर्यावरण स्वीकृति सहित आवश्यक अनुमतियां दिलाने में समन्वय और सहयोग प्रदान कर रहा है।

खान एवं भूविज्ञान विभाग द्वारा अब तक ई-नीलाम किए गए 141 प्रधान खनिज ब्लॉकों में से 105 खनिज ब्लॉकों की माइनिंग लीज तथा 30 खनिज ब्लॉकों की कंपोजिट लाइसेंस के लिए नीलामी की गई है। इसके अतिरिक्त एक एक्सप्लोरेशन लाइसेंस के लिए भी नीलामी की गई है। सामरिक महत्व को देखते हुए राजस्थान के 7 क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक मिनरल ब्लॉकों की नीलामी भारत सरकार द्वारा की गई है।

राज्य में ई-नीलामी व्यवस्था लागू होने के बाद अब तक सर्वाधिक 101 लाइमस्टोन ब्लॉकों की नीलामी हुई है। इसके अलावा आयरन ओर के 13, बेसमेटल के 8, सिलियस अर्थ के 4, मैगनिज के 3, गोल्ड के 2, पोटाश एवं हैलाइट के 2, रेयर अर्थ एलिमेंट के 4 तथा गार्नेट, एमरल्ड, फ्लोराइट और रॉक फास्फेट के एक-एक ब्लॉकों की नीलामी की जा चुकी है। विभाग का फोकस इन नीलाम ब्लॉकों को शीघ्र परिचालन में लाने पर है।

मिनरल ब्लॉकों की ई-नीलामी से अवैध खनन गतिविधियों पर रोक लगाने के साथ ही खनन क्षेत्र में निवेश, रोजगार और राज्य सरकार के राजस्व में भी वृद्धि दर्ज की जा रही है। उल्लेखनीय है कि अन्य राज्यों में ऑक्शन तथा उससे जुड़ी आवश्यक तैयारियां ट्रांजेक्शन एडवाइजर्स के माध्यम से कराई जाती हैं, जबकि राजस्थान में ब्लॉक तैयार करने से लेकर ई-ऑक्शन तक की संपूर्ण प्रक्रिया राज्य के खान एवं भूविज्ञान विभाग द्वारा ही संचालित की जाती है। इससे राज्य सरकार के राजस्व की बचत होने के साथ संसाधनों का बेहतर उपयोग भी सुनिश्चित हो रहा है।

Pratahkal Newsroom

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