राजस्थान में गोवंश को लम्पी स्किन डिजीज (एलएसडी) से सुरक्षित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पशुपालन, डेयरी एवं गोपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने बुधवार को ब्यावर स्थित श्री तिजारती सर्राफान चैम्बर गौशाला से राज्य स्तरीय लम्पी टीकाकरण अभियान के द्वितीय चरण का शुभारंभ किया। इस अवसर पर प्रदेशभर में व्यापक स्तर पर टीकाकरण अभियान संचालित करने का संदेश देते हुए पशुधन संरक्षण के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई गई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्री कुमावत ने कहा कि लम्पी रोग की रोकथाम के लिए समयबद्ध और व्यापक टीकाकरण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि दो वर्ष पूर्व इस रोग के लिए पृथक वैक्सीन उपलब्ध नहीं होने के कारण गोट पॉक्स वैक्सीन का उपयोग किया गया था, जिससे पशुओं में रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित हुई। अब विशेष रूप से लम्पी रोग के लिए विकसित वैक्सीन उपलब्ध होने से अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है।

उन्होंने गौशालाओं में प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण सुनिश्चित करने पर बल देते हुए कहा कि इससे बड़ी संख्या में गोवंशीय पशुओं को कम समय में सुरक्षा कवच प्रदान किया जा सकेगा। मंत्री ने पशुपालकों को राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न पशुधन संरक्षण एवं कल्याणकारी योजनाओं की भी जानकारी दी।

राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2025-26 के दौरान 108.95 लाख गोवंशीय पशुओं का टीकाकरण किया गया था। वहीं वर्ष 2026-27 के लिए 111.51 लाख गोवंशीय पशुओं के टीकाकरण का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है। ब्यावर जिले में इस अवधि के दौरान 1,23,936 पशुओं के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है। अभियान के तहत होमोलॉगस रांची स्ट्रेन लाइव एटेन्यूएटेड वैक्सीन का उपयोग किया जा रहा है।

कार्यक्रम में उपस्थित ब्यावर विधायक शंकर सिंह रावत ने कहा कि राज्य स्तरीय अभियान का शुभारंभ ब्यावर से होना जिले के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भारत माता, धरती माता और गौ माता की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए गौवंश संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। साथ ही उन्होंने क्षेत्र में गौसेवा को बढ़ावा देने के लिए नई गौशालाओं के संचालन और विस्तार की आवश्यकता भी प्रमुखता से उठाई।

पशुपालन विभाग राजस्थान के निदेशक डॉ. सुरेश चन्द मीणा ने विभागीय योजनाओं को प्रभावी रूप से धरातल तक पहुंचाने तथा निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति के लिए विभाग की प्रतिबद्धता व्यक्त की। वहीं अतिरिक्त निदेशक (क्षेत्र) अजमेर डॉ. नवीन परिहार ने बताया कि लम्पी स्किन डिजीज एक संक्रामक वायरल रोग है, जो मुख्य रूप से गोवंशीय पशुओं को प्रभावित करता है। इसकी रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए राज्य सरकार द्वारा निःशुल्क टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि अजमेर संभाग की सभी गौशालाओं में प्राथमिकता से टीकाकरण सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किए जा चुके हैं। साथ ही कृत्रिम गर्भाधान कार्य से जुड़े कार्मिकों के कौशल विकास हेतु गौशालाओं में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का भी प्रस्ताव रखा गया।

अभियान के तहत पशुपालन विभाग के 11 पशु परिचरों, 38 पशुधन निरीक्षकों तथा 16 अधिकारियों की टीम ने गौशाला में मौजूद 773 गोवंशीय पशुओं, जिनमें 272 नर और 501 मादा पशु शामिल थे, का एक ही दिन में सफलतापूर्वक टीकाकरण किया। कार्यक्रम के समापन पर अतिथियों द्वारा गौशाला परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया।

इस अवसर पर विधायक शंकर सिंह रावत, पूर्व सभापति नगर परिषद ब्यावर नरेश कनोजिया, निदेशक डॉ. सुरेश चन्द मीणा, अतिरिक्त निदेशक डॉ. नवीन परिहार, अतिरिक्त जिला कलक्टर बह्मा लाल जाट सहित पशुपालन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, गौशाला संचालक, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

राज्य स्तरीय इस अभियान का शुभारंभ न केवल लम्पी रोग के विरुद्ध व्यापक सुरक्षा कवच तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, बल्कि यह प्रदेश के पशुधन संरक्षण और पशुपालकों के हितों को सुदृढ़ करने की सरकार की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करता है।

Pratahkal Bureau

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