राज्य सरकार ने भूमि विकास बैंकों के अवधिपार ऋणी सदस्यों को बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री अवधिपार ब्याज राहत एकमुश्त समझौता योजना वर्ष 2025-26 की अवधि को बढ़ाकर 30 जून 2026 तक कर दिया है। सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम कुमार दक ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि यह निर्णय किसान हित में लिया गया है, जिससे हजारों अवधिपार ऋणी सदस्यों को लाभ मिलेगा, जो प्राकृतिक आपदाओं के कारण अब तक योजना से वंचित रह गए थे।

उन्होंने बताया कि गत वर्ष प्रदेश के अधिकांश जिलों में हुई अतिवृष्टि से खरीफ 2025 की फसलें प्रभावित हुईं। इसके अतिरिक्त मार्च-अप्रैल 2026 में असामयिक वर्षा एवं ओलावृष्टि के कारण किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ा, जिससे अनेक पात्र ऋणी सदस्य आर्थिक कठिनाइयों के चलते योजना का लाभ नहीं ले सके। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने योजना की अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया है।

योजना के अंतर्गत 1 जुलाई 2024 की स्थिति में बकाया अवधिपार ब्याज, दण्डनीय ब्याज तथा वसूली खर्च में 100 प्रतिशत राहत प्रदान की जाएगी। इससे पात्र ऋणी सदस्य अपने लंबित ऋण खातों का निस्तारण कर पुनः सहकारी ऋण व्यवस्था से जुड़ सकेंगे। लाभ लेने के बाद किसान राज्य सरकार की 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान योजना के अंतर्गत पुनः ऋण प्राप्त करने के पात्र होंगे।

श्री दक ने बताया कि 31 मार्च 2026 तक 10 हजार 523 ऋणियों ने अपने हिस्से की लगभग 143 करोड़ रुपये की राशि जमा कर लगभग 190 करोड़ रुपये की राहत प्राप्त की है। वहीं 561 ऋणियों द्वारा आंशिक रूप से 2.93 करोड़ रुपये जमा किए गए हैं, जिन्हें शेष राशि जमा करने पर योजना का लाभ दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यह निर्णय किसानों को आर्थिक राहत प्रदान करने, सहकारी ऋण प्रणाली को मजबूत करने तथा कृषकों को पुनः वित्तीय गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा। पात्र ऋणी सदस्य अपने संबंधित प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंक से संपर्क कर योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

Pratahkal Bureau

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