जयपुर में 66वीं वार्षिक कला प्रदर्शनी का उद्घाटन, 10 कलाकार सम्मानित
अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रवीण गुप्ता ने झालाना स्थित अकादमी संकुल में प्रदर्शनी का शुभारंभ किया, चयनित कलाकारों को 25-25 हजार रुपये के पुरस्कार दिए गए।

जयपुर के झालाना स्थित अकादमी संकुल में शुक्रवार को 66वीं वार्षिक कला प्रदर्शनी के उद्घाटन अवसर पर मंचासीन अतिथि और उपस्थित गणमान्य व्यक्ति।
प्रदेश की कला एवं संस्कृति बहुत समृद्ध है; राज्य सरकार एवं भारत सरकार देश-प्रदेश की कला एवं संस्कृति के संरक्षण के लिए प्रतिबद्धता से काम कर रही है।
उद्घाटन एवं मुख्य अतिथि का संबोधन
जयपुर, 13 फरवरी। अतिरिक्त मुख्य सचिव पर्यटन, कला, साहित्य, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग श्री प्रवीण गुप्ता के मुख्य आतिथ्य में राजस्थान ललित कला अकादमी, कला साहित्य संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग, राजस्थान सरकार की ओर से शुक्रवार को झालाना संस्थानिक क्षेत्र में स्थित अकादमी संकुल में 66वीं वार्षिक कला प्रदर्शनी का उद्घाटन किया गया तथा साथ ही पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया। राजस्थान ललित कला अकादमी की प्रशासक एवं जयपुर संभागीय आयुक्त श्रीमती पूनम ने इस कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री प्रवीण गुप्ता ने अपने सम्बोधन में कहा कि - "कला, साहित्य, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग युवा कलाकारों को बेहतर अवसर उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रहा है।" उन्होंने आगे कहा कि - "आज के इस पुरस्कार वितरण समारोह में जिन नौ कलाकारों को पुरस्कृत कर सम्मानित किया है, उन्हें हार्दिक बधाई।" उन्होंने अन्य सहभागी कलाकारों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि - "कोई भी अवार्ड अंत नहीं शुरुआत है। नियमित रूप से कला की साधना करने से निश्चित ही कामयाबी मिलती है।"
कला का डिजिटलाइजेशन एवं 'मेरा गांव मेरी धरोहर'
प्रवीण गुप्ता ने कहा कि प्रदेश की कला एवं संस्कृति बहुत समृद्ध है राज्य सरकार एवं भारत सरकार देश प्रदेश की कला एवं संस्कृति के संरक्षण के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। इसमें ललित कला भी अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि - "आज एआई का युग है। प्रत्येक चीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दिखती है। राजस्थान की कल्याण संस्कृति को भी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर दिखाया जाना आवश्यक है। हम हमारी कलाएं संस्कृति से जुड़े हुए दस्तावेजों का डिजिटाइजेशन भी कर रहे हैं।"
अतिरिक्त मुख्य सचिव ने बताया कि - "हाल ही में हमने मेरा गांव मेरी धरोहर पोर्टल शुरू किया है। गाँव का व्यक्ति अपने क्षेत्र की कला धरोहर को इस पर अपलोड कर सकता है। पूरी दुनिया पर्यटन, कला संस्कृति का अनुभव करना चाहती है। आज कला और कलाकारों के लिए बेहतरीन अवसर हैं।"
विशिष्ट अतिथि एवं प्रशासनिक विचार
राजस्थान ललित कला अकादमी की प्रशासक एवं जयपुर संभागीय आयुक्त श्रीमती पूनम ने कहा कि - "युवाओं को कला से जोड़कर ही देश का भविष्य सुनिश्चित किया जा सकता है।" उन्होंने कहा कि - "वैश्विक परिदृश्य में रचनाधार्मिता की अत्यंत आवश्यकता है। इस तरह की प्रदर्शनी में कलाकारों को अधिक से अधिक सहभागिता करनी चाहिए। कला संस्कृति के क्षेत्र में राजस्थान जैसा कोई प्रदेश नहीं है।"
सम्मानित कलाकार एवं पुरस्कार विवरण
अकादमी संकुल में आयोजित 66वीं वार्षिक कला प्रदर्शनी के उद्घाटन के पश्चात पुरस्कार वितरण समारोह में निम्नलिखित कलाकारों को पच्चीस-पच्चीस हजार रूपये नकद, स्मृति चिन्ह एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया:
- रमेश कुमार सैनी, जयपुर (जयपुर की गलिया 1-2-3)
- विकास कुमार मिरोठा, बूंदी (समूह-2)
- जयन्त शर्मा, जयपुर (City of Dunes)
- श्वेता नैना, जयपुर (तारा-3)
- मोहनलाल चौधरी, बीकानेर (मत बाचो गठरिया)
- उर्मिला शर्मा, जयपुर (मनुकल्प-1)
- धीरज बलिहारा, हनुमानगढ (Weaving Tradition)
- करूणा, वनस्थली (Childhood-3)
- शिवपाल कुमावत, सीकर (Delusional-II)
चयन प्रक्रिया एवं आयोजन विवरण
उल्लेखनीय है कि राजस्थान ललित कला अकादमी, जयपुर द्वारा आयोजित 66वीं वार्षिक कला प्रदर्शनी के लिये कृतियों का चयन एवं पुरस्कारों हेतु निर्णायक मण्डल की बैठक दिनांक 17 नवम्बर, 2025 को अकादमी कार्यालय में सम्पन्न हुई। आज की प्रदर्शनी हेतु निर्णायक मण्डल ने 190 कलाकारों की 562 कलाकृतियों का अवलोकन करने के पश्चात् 64 कलाकारों की 113 कलाकृतियों का प्रदर्शनी हेतु चयन किया एवं दस कलाकारों की श्रेष्ठ कृतियों को पुरस्कार योग्य पाया।
इस अवसर पर श्री विद्या सागर उपाध्याय, श्री नाथूलाल वर्मा, श्री महावीर भारती सहित कला जगत की कई हस्तियां भी मौजूद रहीं। कार्यक्रम का संचालन गौरव शर्मा ने किया वहीं धन्यवाद ज्ञापन से.नि. प्रदर्शनी अधिकारी श्री विनय शर्मा ने किया।
राजस्थान ललित कला अकादमी के सचिव डॉ. रजनीश हर्ष ने बताया कि यह कला प्रदर्शनी 13 फरवरी 2026 से 19 फरवरी 2026 तक दर्शकों के अवलोकनार्थ निशुल्क खुली रहेगी।

