राजस्थान खेजड़ी वृक्ष संरक्षण के लिए सख्त कानून लाएगी सरकार: जोगाराम पटेल
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर गठित समिति ने मरुस्थलीय पारिस्थितिकी के आधार खेजड़ी के संरक्षण हेतु नए सख्त अधिनियम के प्रारूप पर विस्तृत चर्चा की।

जयपुर, 9 मार्च। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों की अनुपालना में गठित समिति की बैठक में राज्य वृक्ष खेजड़ी के संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा सख्त कानून लाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। जयपुर स्थित राजकीय आवास पर संसदीय कार्य एवं विधि मंत्री श्री जोगाराम पटेल की अध्यक्षता में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में खेजड़ी वृक्ष संरक्षण अधिनियम का प्रारूप तय करने पर विस्तार से चर्चा की गई।
समिति की बैठक में उच्च स्तरीय मंथन और सहभागिता
इस बैठक में राजस्व मंत्री श्री हेमंत मीणा, वन एवं पर्यावरण विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री संजय शर्मा, उद्योग राज्यमंत्री श्री के.के. बिश्नोई, विधायक श्री पब्बाराम बिश्नोई, जीव-जंतु कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री जसवंत सिंह बिश्नोई, पूर्व विधायक श्री बिहारी लाल बिश्नोई सहित विधि विभाग एवं अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक के दौरान पर्यावरण प्रेमियों, साधु-संतों तथा आमजन की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए खेजड़ी वृक्षों की अवैध कटाई रोकने और पर्यावरण संरक्षण को मजबूत बनाने के लिए सख्त एवं प्रभावी कानून शीघ्र लाने पर विस्तृत मंथन किया गया। सभी उपस्थित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने राज्य वृक्ष खेजड़ी के संरक्षण को लेकर अपने विचार व्यक्त किए तथा इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
राज्य वृक्ष की पारिस्थितिकी और सांस्कृतिक महत्ता
प्रभारी मंत्री एवं संसदीय कार्य तथा विधि मंत्री श्री जोगाराम पटेल ने कहा कि "राज्य वृक्ष खेजड़ी राजस्थान की संस्कृति, पर्यावरण और ग्रामीण जीवन का अभिन्न हिस्सा है। प्रदेश की मरुस्थलीय पारिस्थितिकी में इसका विशेष महत्व है, इसलिए इसके संरक्षण के लिए राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।" उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन में राज्य सरकार जनभावनाओं और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए खेजड़ी वृक्षों की अवैध कटाई पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सख्त और प्रभावी कानून लाने की दिशा में कार्य कर रही है।
अधिनियम का प्रारूप और आगामी कार्ययोजना
उन्होंने बताया कि बैठक में अधिनियम के प्रारूप को लेकर विस्तृत चर्चा की गई है तथा इसके लिए विशेषज्ञों और अधिकारियों की समिति गठित की गई है, जो विभिन्न राज्यों में लागू कानूनों का अध्ययन कर जल्द से जल्द खेजड़ी संरक्षण से संबंधित अधिनियम का प्रारूप तैयार करेगी। श्री पटेल ने कहा कि "राज्य सरकार पर्यावरण प्रेमियों, साधु-संतों तथा आमजन की भावनाओं का सम्मान करते हुए ऐसा मजबूत कानून लाने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे खेजड़ी वृक्षों का संरक्षण सुनिश्चित हो सके और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रदेश की पर्यावरणीय विरासत सुरक्षित रह सके।"
कानूनी प्रावधानों का अध्ययन और अगली बैठक
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की अनुमति से जन आकांक्षाओं और जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार द्वारा खेजड़ी संरक्षण के लिए विशेष अधिनियम लाने के निर्णय के तहत वृक्ष संरक्षण अधिनियम का प्रारूप तैयार करने के लिए इस समिति का गठन किया गया है। समिति देश के विभिन्न राज्यों में लागू वृक्ष संरक्षण संबंधी कानूनों का तुलनात्मक अध्ययन, अधिनियम का प्रारूप तैयार करते समय आवश्यकतानुसार संबंधित हितधारकों से परामर्श तथा वृक्ष संरक्षण से जुड़े विभिन्न न्यायिक निर्णयों और वर्तमान कानूनी प्रावधानों का अध्ययन करते हुए प्रभावी प्रारूप प्रस्तावित करेगी जिसकी आगामी पुनः बैठक दिनांक 11 मार्च 2026 को आयोजित होगी।

Pratahkal Bureau
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