राजस्थान खरीफ 2026: किसानों को मिलेगा पर्याप्त उर्वरक, आयुक्त ने दिए निर्देश
आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने 11 लाख मीट्रिक टन यूरिया और 5.10 लाख मीट्रिक टन डीएपी की उपलब्धता सुनिश्चित की, कालाबाजारी रोकने हेतु 61 चेक पोस्ट तैनात।

जयपुर। राजस्थान में आगामी खरीफ सीजन 2026 के मद्देनजर राज्य सरकार ने उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति और पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कर ली है। कृषि आयुक्त श्री नरेश कुमार गोयल ने स्पष्ट किया है कि राज्य में खाद का प्रचुर भंडार मौजूद है और कृषि विभाग निरंतर इसकी दैनिक उपलब्धता पर कड़ी निगरानी रख रहा है ताकि काश्तकारों को उनकी मांग के अनुसार समय पर उर्वरक प्राप्त हो सकें। गुरुवार को आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में विभिन्न उर्वरक आपूर्तिकर्ता कंपनियों ने राज्य को मांग के अनुरूप आपूर्ति का पूर्ण भरोसा दिलाया, जिसमें कालाबाजारी, जमाखोरी और किसी भी प्रकार की अनियमितता पर शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाते हुए सख्त नियंत्रण के निर्देश जारी किए गए हैं।
आयुक्त कृषि श्री नरेश कुमार गोयल ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार केंद्र के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित कर आपूर्ति श्रृंखला को सुदृढ़ बनाए हुए है। खरीफ 2026 के लिए अप्रैल से सितंबर तक की अवधि हेतु 11 लाख मैट्रिक टन यूरिया, 5.10 लाख मैट्रिक टन डीएपी, 1.50 लाख मैट्रिक टन एनपीके तथा 4 लाख मैट्रिक टन एसएसपी की कुल मांग स्वीकृत की गई है। विशेष रूप से केवल अप्रैल माह 2026 के लिए 78 हजार मैट्रिक टन यूरिया, 30 हजार मैट्रिक टन डीएपी तथा 28 हजार मैट्रिक टन एनपीके का आवंटन किया जा चुका है, जिसकी आवक निरंतर जारी है। वर्तमान स्टॉक की स्थिति अत्यंत संतोषजनक है, जिसमें 3.87 लाख मैट्रिक टन यूरिया, 80 हजार मैट्रिक टन डीएपी, 68 हजार मैट्रिक टन एनपीके तथा 2.08 लाख मैट्रिक टन एसएसपी उपलब्ध है, जो पिछले वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय रूप से अधिक है।
मुख्यमंत्री एवं कृषि मंत्री के दिशा-निर्देशों के अनुरूप उर्वरकों के पारदर्शी वितरण और समान उपलब्धता को प्राथमिकता दी जा रही है। जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अवैध भंडारण करने वालों के विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करें। सीमावर्ती जिलों में उर्वरकों के अवैध परिवहन को रोकने हेतु 61 विशेष चेक पोस्ट स्थापित कर निगरानी तंत्र को अभेद्य बनाया गया है। इसके साथ ही, विभाग गुण नियंत्रण अभियान के माध्यम से उर्वरकों की शुद्धता सुनिश्चित कर रहा है और पीओएस मशीनों के जरिए विक्रेताओं के स्टॉक का भौतिक सत्यापन भी किया जा रहा है। किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड के आधार पर संतुलित उर्वरक उपयोग हेतु प्रोत्साहित करने के साथ-साथ जैविक खेती के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण बैठक में इफको, कृभको, आईपीएल, एनएफएल, सीएफसीएल, एसएफसीएल, जीएनवीएफसी, जीएसएफसी एवं नर्मदा बायोकैम जैसी प्रमुख उर्वरक कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे, जिन्होंने किसान हित में सरकार के संकल्प को पूर्ण समर्थन देने की प्रतिबद्धता दोहराई।

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