राजस्थान आवासन मण्डल खेलकूद प्रतियोगिता जयपुर में शुरू, हस्तशिल्प को मिली नई पहचान
जयपुर में 19 मार्च से आवासन मण्डल की 30वीं खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन होगा, वहीं एनएचडीपी योजना से राजस्थान के 3255 शिल्पकारों को आर्थिक मजबूती मिली है।

जयपुर, 18 मार्च 2026। राजस्थान की राजधानी जयपुर इस समय दो प्रमुख गतिविधियों का केंद्र बनी हुई है, जहाँ एक ओर राजस्थान आवासन मण्डल अपनी 30वीं खेलकूद प्रतियोगिता के लिए पूरी तरह तैयार है, वहीं दूसरी ओर राष्ट्रीय हस्तशिल्प विकास कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेश के हजारों शिल्पकारों के जीवन में आ रहे सकारात्मक बदलावों की जानकारी साझा की गई है।
आवासन मण्डल खेलकूद प्रतियोगिता का भव्य आगाज और गणेश निमंत्रण
30वीं राजस्थान आवासन मण्डल कर्मचारी खेलकूद प्रतियोगिता 2025-26 का आयोजन 19 मार्च से 22 मार्च, 2026 तक जयपुर के नीरजा मोदी स्कूल, मानसरोवर में किया जाएगा। प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिये राजस्थान आवासन बोर्ड कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष एवं अनुशासन समिति के सदस्य श्री मोहन सिंह ने मण्डल मुख्यालय स्थित प्रथम पूज्य श्री गणेश जी को निमंत्रण दिया। इस अवसर पर कार्यकारी अध्यक्ष श्री दारा सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री गोविन्द नाटाणी, महासचिव श्री रमेश चन्द शर्मा, संयुक्त सचिव श्री मनुज ठाकुर/मोयुसुफ खान सहित खेलकूद के संयोजक मधुर मलिक मण्डल कार्मिक उपस्थित रहे। कर्मचारी खेलकूद प्रतियोगिता के संयोजक श्री मधुर मलिक ने बताया कि 19 मार्च 2026 गुरुवार को प्रातः 11.00 बजे आयोजित किये जाने वाले उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि जयपुर आवासन आयुक्त डाॅ. रश्मि शर्मा होंगी और कार्यक्रम की अध्यक्षता राजस्थान आवासन मण्डल के सचिव श्री गोपाल सिंह करेंगे।
खेल स्पर्धाएं और महिला सहभागिता
प्रतियोगिता का समापन 22 मार्च 2026 को होगा। प्रतियोगिता में चार जोनों की टीमों के बीच टाई के आधार पर क्रिकेट, फुटबॉल, वॉलीबाल, केरम, बेडमिंटन सहित एथलेटिक्स से जुडी विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। विशेष रूप से महिलाओं के लिए भी विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा, जिससे मण्डल के समस्त कार्मिकों में खेल भावना का संचार हो सके।
मोदी सरकार में हस्तशिल्प को मिली नई पहचान: मदन राठौड़
राज्यसभा सांसद और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि "केंद्र की मोदी सरकार द्वारा संचालित राष्ट्रीय हस्तशिल्प विकास कार्यक्रम (एनएचडीपी) के माध्यम से देश के कारीगरों, विशेष रूप से शिल्पकारों को सशक्त बनाने का कार्य निरंतर किया जा रहा है।" उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 के दौरान राजस्थान के 3,255 से अधिक कारीगर इस योजना के विभिन्न घटकों के अंतर्गत लाभान्वित हुए हैं। यह दर्शाता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पारंपरिक कला एवं हस्तशिल्प को नई पहचान और आर्थिक मजबूती मिल रही है। सांसद मदन राठौड़ के सवाल के जवाब में वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने सदन में यह जानकारी दी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि "एनएचडीपी के तहत कारीगरों को कौशल विकास, डिजाइन उन्नयन, बुनियादी ढांचा सहायता, विपणन सुविधा तथा सामाजिक सुरक्षा जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग प्रदान किया जा रहा है।" ### बजट आवंटन और वैश्विक बाजार में बढ़ती भागीदारी
इस योजना के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में कुल 188.99 करोड़ रुपए का व्यय किया गया है, जो सरकार की प्रतिबद्धता को स्पष्ट करता है। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय मेलों, प्रदर्शनी एवं खरीदार-विक्रेता बैठकों में भारतीय कारीगरों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2021-22 में जहां 437 कारीगर/निर्यातक इन कार्यक्रमों में शामिल हुए थे, वहीं 2025-26 में यह संख्या बढ़कर 1114 हो गई है। इससे भारतीय हस्तशिल्प को वैश्विक बाजार में नई पहचान मिली है। राठौड़ ने कहा कि भाजपा सरकार "वोकल फॉर लोकल" और "आत्मनिर्भर भारत" के संकल्प को साकार करते हुए कारीगरों को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है। राजस्थान जैसे हस्तशिल्प समृद्ध राज्य के लिए यह योजना विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध हो रही है। उन्होंने केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा सरकार भविष्य में भी कारीगरों एवं शिल्पकारों के हित में कल्याणकारी योजनाएं चलाएगी।

Pratahkal Bureau
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