जयपुर, 24 सितम्बर। राज्य कर विभाग की ओर से कर अपवंचना एवं संदिग्ध इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) दावों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत विभिन्न जिलों में पांच प्रतिष्ठानों के विरुद्ध सर्वे एवं जांच की कार्रवाई की गई। विभागीय जांच में कुल 22.79 करोड़ रुपए की संभावित कर देयता सामने आई है। कार्रवाई के दौरान संबंधित करदाताओं द्वारा अब तक 17.93 करोड़ रुपए की राशि जमा अथवा ITC रिवर्स किया गया है। शेष देयता के संबंध में आगे की कार्रवाई जारी है।

भिवाड़ी में M/s Angstrom Biotech Pvt. Ltd. के यहां 18 सितम्बर को सर्वे किया गया। जांच में ऐसे आपूर्तिकर्ता से खरीद के संबंध में ITC का लाभ लिए जाने की बात सामने आई, जिसका GST पंजीयन संबंधित खरीद की तारीख से पूर्व ही निरस्त हो चुका था। मामले में 60 लाख रुपए की संभावित कर देयता सामने आई, जिसके विरुद्ध करदाता द्वारा 29.23 लाख रुपए की स्वैच्छिक जमा राशि की गई।

सरदारशहर, चूरू में Sevada Trading Company के वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 के दौरान अतिरिक्त ITC का दावा किए जाने का मामला सामने आया। जांच में 54.14 लाख रुपए की संभावित देयता चिन्हित की गई, जिसमें CGST एवं SGST की राशि 27.07-27.07 लाख रुपए है। इसके विरुद्ध करदाता द्वारा 10 लाख रुपए की स्वैच्छिक जमा राशि की गई है।

जोधपुर में M/s K P Infra का 21 सितम्बर को निरीक्षण किया गया। जांच में लगभग 2.76 करोड़ रुपए के GST TDS की रिपोर्टिंग पाई गई, जबकि करदाता द्वारा फरवरी 2026 के बाद GSTR-3B रिटर्न दाखिल नहीं किए गए थे। मामले में 40 लाख रुपए की संभावित कर देयता निर्धारित की गई है। करदाता द्वारा आगामी 2-3 कार्य दिवसों में देय राशि जमा करने की जानकारी दी गई है।

बाड़मेर में MA Sambhara Ashapura Enterprises के विरुद्ध 19 सितम्बर को सर्वे किया गया। वाहन किराया एवं आवासीय सेवाओं से जुड़े इस प्रतिष्ठान द्वारा अब-इनिशियो कैंसिल एवं कैंसिल GST पंजीयन वाले करदाताओं से ITC का दावा एवं उपयोग किए जाने तथा CGST/RGST के प्रावधानों के उल्लंघन का मामला सामने आया। जांच में 24.61 लाख रुपए की संभावित देयता चिन्हित की गई। इसके विरुद्ध करदाता द्वारा 8.19 लाख रुपए की राशि जमा की गई है।

जैसलमेर में M/s CGE II Hybrid Energy Pvt. Ltd. का 18 सितम्बर को सर्वे किया गया। कंपनी सौर एवं नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में कार्यरत है। जांच में पूर्व वित्तीय वर्षों से संबंधित IGST ITC के रिवर्सल में अनियमितता सामने आई। मामले में 21 करोड़ रुपए की संभावित कर देयता चिन्हित की गई। कार्रवाई के बाद कंपनी द्वारा पूर्व अवधि से संबंधित 16.72 करोड़ रुपए का IGST ITC रिवर्स किया गया।

राज्य कर विभाग की इन पांच कार्रवाइयों में कुल 22.79 करोड़ रुपए की संभावित कर देयता सामने आई है, जबकि संबंधित करदाताओं की ओर से अब तक 17.93 करोड़ रुपए की राशि जमा अथवा ITC रिवर्स किया जा चुका है। शेष देयता के संबंध में विभाग की आगे की कार्रवाई जारी है।

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