राजस्थान: 2 अक्टूबर को ग्राम सभाओं में रहेंगे पुलिस अधिकारी, नए कानूनों की देंगे जानकारी
बीएनएस, बीएनएसएस और बीएसए के नागरिक केंद्रित प्रावधानों, ई-एफआईआर और फोरेंसिक साक्ष्य की प्रक्रियाओं से ग्रामीणों को रूबरू कराने के लिए पुलिस मुख्यालय ने जारी किए निर्देश।

जयपुर, 30 सितम्बर। राज्य की सभी ग्राम पंचायतों में आगामी 02 अक्टूबर 2026 को आयोजित होने वाली विशेष ग्राम सभाओं में पुलिस अधिकारियों और बीट प्रभारियों की उपस्थिति अनिवार्य रहेगी। इस संबंध में पुलिस मुख्यालय ने राज्य के सभी पुलिस अधीक्षकों को महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। निर्देशों के तहत प्रत्येक जिले की हर ग्राम पंचायत में आयोजित विशेष ग्राम सभा में पुलिस अधिकारियों और बीट प्रभारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा गया है।
यह विशेष आयोजन गृह मंत्रालय एवं पंचायती राज मंत्रालय के साझा समन्वय से किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य 01 जुलाई 2024 से प्रभावी हुई नवीन आपराधिक विधियों भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 के नागरिक केंद्रित और कल्याणकारी प्रावधानों से आमजन को अवगत कराना है।
विशेष ग्राम सभाओं में मौजूद पुलिस अधिकारी ग्रामीणों को नए कानूनों के तहत मिलने वाले अधिकारों, पारदर्शी प्रक्रियाओं और सुरक्षा से जुड़े बदलावों की विस्तृत जानकारी देंगे। ग्रामीणों को कानूनों के प्रावधान सरल भाषा में समझाए जाएंगे, ताकि वे इनके नागरिक केंद्रित प्रावधानों से परिचित हो सकें।
ग्राम सभाओं के दौरान नए कानूनों में शामिल समयबद्ध अनुसंधान और त्वरित न्याय की व्यवस्था पर विशेष रूप से जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही ई-एफआईआर की सुविधा, डिजिटल व फोरेंसिक साक्ष्यों के अनिवार्य उपयोग, गवाहों की सुरक्षा, पीड़ित प्रतिकर योजना तथा महिला एवं बाल सुरक्षा से जुड़े कड़े व सुरक्षात्मक कानूनी प्रावधानों को भी समझाया जाएगा।
पुलिस मुख्यालय के इन निर्देशों के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस और आमजन के बीच सीधा संवाद स्थापित होगा। पुलिस अधिकारियों की जमीनी उपस्थिति से नवीन कानूनों के प्रति ग्रामीण क्षेत्र में जागरूकता बढ़ाने के साथ साइबर अपराधों से बचाव, महिला सुरक्षा तथा स्थानीय स्तर पर कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।

