ग्राम रथ अभियान: राजस्थान में किसानों को योजनाओं से जोड़ने की पहल तेज
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर 183 विधानसभा क्षेत्रों में संचालित इस अभियान के जरिए किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है।

राजस्थान में 'ग्राम रथ अभियान' के दौरान ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए लोक कलाकार पारंपरिक कला जत्था कार्यक्रमों के माध्यम से सरकारी योजनाओं का प्रचार कर रहे हैं।
प्रदेश में किसानों को सशक्त और उन्नत बनाने की दिशा में राज्य सरकार की पहल ने गति पकड़ ली है। ‘ग्राम रथ अभियान’ के प्रथम सप्ताह में ही गांव-गांव विकास की रौशनी और जागरूकता की लहर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगी है। यह अभियान न केवल योजनाओं की जानकारी पहुंचा रहा है, बल्कि ग्रामीण समाज के साथ सीधा संवाद स्थापित कर एक सशक्त माध्यम के रूप में उभर रहा है।
राज्य सरकार द्वारा आगामी 23 से 25 मई तक आयोजित होने वाले ग्राम (ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट) 2026 के मद्देनजर किसानों और पशुपालकों को आधुनिक कृषि की नई संभावनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से यह अभियान संचालित किया जा रहा है। इस महाआयोजन में प्रदेशभर से कृषक और पशुपालक देश-विदेश के एग्रीकल्चर सेक्टर के नीति-निर्माताओं, रिसर्च स्कॉलर्स, उद्यमियों, जनप्रतिनिधियों और विषय विशेषज्ञों की उपस्थिति में नवाचार, निवेश और तकनीक आधारित कृषि मॉडल से रूबरू होंगे।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर 27 अप्रैल से राज्य के 183 विधानसभा क्षेत्रों में 15 दिवसीय ‘ग्राम रथ अभियान’ शुरू किया गया है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में प्रतिदिन 5 से 6 स्थानों पर एलईडी मोबाइल वैन के माध्यम से योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी किसानों और ग्रामीणों तक पहुंचाई जा रही है। अभियान के दौरान ग्रामीणों में अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिल रहा है।
अभियान के तहत आयोजित संध्या चौपाल और कला जत्था कार्यक्रम ग्रामीणों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। विशेष रूप से महिलाओं और युवाओं की बढ़ती भागीदारी इस अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप दे रही है। यह पहल केवल सूचना प्रसार तक सीमित नहीं रही, बल्कि संवाद और सहभागिता का प्रभावी मंच बन गई है।
ग्राम रथों के माध्यम से 13 विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी एक ही मंच पर उपलब्ध कराई जा रही है। इनमें कृषि, उद्यानिकी, कृषि विपणन, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य, सहकारिता, सिंचाई, उद्योग, ऊर्जा, राजस्व, पंचायतीराज और ग्रामीण विकास विभाग शामिल हैं। संबंधित विभागों की प्रचार सामग्री भी ग्रामीणों को उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उन्हें योजनाओं की समग्र जानकारी एक स्थान पर मिल रही है।
अभियान की एक महत्वपूर्ण विशेषता सुझाव पेटिका है, जिसके माध्यम से ग्रामीण अपनी समस्याएं और सुझाव सीधे सरकार तक पहुंचा रहे हैं। राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन 181 पर प्राप्त शिकायतों का त्वरित निस्तारण किया जा रहा है। प्रशासन द्वारा मौके पर ही समस्याओं के समाधान के प्रयासों ने ग्रामीणों के विश्वास और भागीदारी को और मजबूत किया है।
“कृषि, किसान और गांव सशक्त होंगे, तभी भारत आत्मनिर्भर बनेगा” की सोच के साथ आगे बढ़ रहा यह अभियान अब तक लाखों लोगों तक पहुंच चुका है। ग्राम रथ अभियान राज्य सरकार की उस प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है, जिसमें गांव, किसान और विकास को केंद्र में रखकर आत्मनिर्भर राजस्थान के निर्माण की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
