अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर राजस्थान के राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने प्रदेशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए स्वस्थ और संतुलित जीवन के लिए योग को दैनिक दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत और आत्मिक उन्नति का सशक्त माध्यम है।

राज्यपाल श्री बागडे ने अपने संदेश में कहा कि योग भारत की महान परंपरा का प्रतीक है, जिसने विश्वभर में मानव स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि योग व्यक्ति को शारीरिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ मानसिक शांति, आत्मचिंतन और आत्मसाक्षात्कार की दिशा में भी प्रेरित करता है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में स्वस्थ तन और स्वस्थ मन की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। ऐसे में योग आधारित जीवनशैली अपनाकर व्यक्ति न केवल अपने स्वास्थ्य को बेहतर बना सकता है, बल्कि सकारात्मक और संतुलित जीवन की ओर भी अग्रसर हो सकता है।

राज्यपाल ने प्रदेशवासियों से यौगिक दिनचर्या को अपनाने तथा योग की इस महान परंपरा के संरक्षण, संवर्धन और विकास के लिए संकल्पबद्ध होकर कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि योग के प्रति जागरूकता और सहभागिता समाज को स्वस्थ, सशक्त और संतुलित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर राज्यपाल का यह संदेश योग की वैश्विक स्वीकार्यता के बीच भारतीय संस्कृति और परंपरा के मूल्यों को आगे बढ़ाने की प्रेरणा देता है तथा स्वस्थ जीवन के प्रति जनजागरण का महत्वपूर्ण संदेश भी प्रदान करता है।

Pratahkal Bureau

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