जयपुर/सीकर, 1 अक्टूबर। राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने गुरुवार को सीकर में आयोजित 75 दिवसीय चतुर्वेद पारायण महायज्ञ की पूर्णाहुति समारोह में भाग लिया। उन्होंने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ में पूर्णाहुति दी और शांति, आध्यात्मिक उन्नयन के साथ राष्ट्र और राज्य के कल्याण की ईश्वर से प्रार्थना की।

राज्यपाल श्री बागडे ने कहा कि नशा देश की युवा शक्ति को कमजोर कर रहा है। विदेशों से नशे का आना केवल आर्थिक लाभ का विषय नहीं है, बल्कि इससे युवाओं को नशे की ओर धकेलने और देश की तरुण शक्ति को कमजोर करने का प्रयास भी हो रहा है। उन्होंने युवाओं को नशे एवं अपराध से दूर रखने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।

उन्होंने कहा कि यमुना का जल राजस्थान तक आने से प्रदेश में जल उपलब्धता बढ़ेगी और अकाल जैसी परिस्थितियों में भी खेती को निरंतर बनाए रखने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि देश का नेतृत्व करने वाले लोग राष्ट्रहित और जनकल्याण की भावना से कार्य कर रहे हैं।

राज्यपाल ने प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताते हुए कहा कि रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से स्वास्थ्य एवं पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। जैविक एवं प्राकृतिक खेती के लिए गोबर की खाद का उपयोग महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में बड़ी संख्या में गौशालाएं हैं और राज्य सरकार द्वारा गौशालाओं को अच्छा अनुदान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राजस्थान सरकार द्वारा बैल से खेती को प्रोत्साहित करने के लिए किसानों को तीस हजार रुपए की आर्थिक सहायता भी दी जा रही है।

उन्होंने कहा कि बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा में उनके बौद्धिक विकास पर विशेष ध्यान दिया जाना आवश्यक है। प्रारंभिक स्तर पर शिक्षा की गुणवत्ता कमजोर रहने के कारण आगे चलकर प्रतियोगी परीक्षाओं में अपेक्षित परिणाम प्राप्त नहीं हो पाते। उन्होंने विद्यार्थियों की प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया।

इस अवसर पर राज्यपाल श्री बागडे ने ग्रामीण खेल मैदान में अशोक का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति और वैदिक परंपरा अत्यंत प्राचीन एवं समृद्ध है। विदेशियों ने भी भारत के वेदों का अध्ययन एवं अनुवाद किया और उनसे ज्ञान प्राप्त किया। भारत पर अनेक आक्रमण हुए, लेकिन देश की संस्कृति, परंपराओं और धर्म के प्रति आस्था कभी समाप्त नहीं हुई।

नगरीय विकास एवं आवासन राज्यमंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि क्षेत्र में नशे की समस्या तेजी से बढ़ रही है। भावी पीढ़ी को नशे एवं अपराध से बचाते हुए उन्हें संस्कारवान एवं जिम्मेदार बनाने की जरूरत है। 75 दिवसीय चतुर्वेद पारायण महायज्ञ की पूर्णाहुति के अवसर पर राज्यपाल के संबोधन में नशामुक्ति, जल उपलब्धता, प्राकृतिक खेती, प्रारंभिक शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषय प्रमुखता से सामने आए।

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