जयपुर, 1 अप्रैल। राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने विश्व ऑटिज़्म जागरूकता दिवस (2 अप्रैल) के अवसर पर समाज के हर वर्ग से एकजुट होने का आह्वान किया है। राज्यपाल सचिवालय, लोकभवन, राजस्थान से जारी संदेश में उन्होंने ऑटिज्म से ग्रसित व्यक्तियों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने पर विशेष बल दिया।

विद्यालयों और कार्यस्थलों में शिक्षा का आह्वान

राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने इस विशेष दिवस पर विद्यालयों और कार्यस्थलों में छात्रों और सहकर्मियों को शिक्षित करने का आह्वान किया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया है कि "ऑटिज्म से ग्रसित लोगों के प्रति अधिक सकारात्मक और स्वीकार्य होने की आवश्यकता है।" उनका मानना है कि जब शिक्षण संस्थानों और कार्यस्थलों पर लोग इस स्थिति को समझेंगे, तभी एक समावेशी वातावरण का निर्माण संभव हो सकेगा।

सामुदायिक जागरूकता और सामूहिक दायित्व

राज्यपाल ने अपने संदेश में स्पष्ट किया कि हर जीवन का महत्व है और ऑटिज्म के प्रति सामुदायिक जागरूकता हम सबका सामूहिक दायित्व है। इसी सामूहिक प्रयास से ही ऑटिज़्म से ग्रसित व्यक्तियों को जीवन के सभी क्षेत्रों में समान पहुँच, समर्थन और समावेश का अधिकार मिल सकेगा। उन्होंने समाज के सभी स्तरों पर इन प्रयासों को तेज करने की आवश्यकता जताई है ताकि प्रभावित व्यक्तियों का जीवन सुगम और सम्मानजनक बन सके।

Next Story