सनातन भारतीय मूल्यों और लोक आस्था के प्रतीक स्वरूप, राजस्थान के राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने शुक्रवार को जयपुर के निकट स्थित निमेड़ा की श्री श्याम गौशाला में गरिमामय उपस्थिति दर्ज कराई। इस यात्रा के दौरान राज्यपाल ने न केवल आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव किया, बल्कि गौ-सेवा और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को भी रेखांकित किया।

राज्यपाल के निमेड़ा आगमन पर श्री श्याम गौशाला में चल रही भागवत कथा के आयोजन स्थल पर श्रद्धापूर्ण वातावरण दिखाई दिया। राज्यपाल ने स्वयं भागवत कथा का श्रवण किया और कथा के माध्यम से प्रसारित होने वाले भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं तथा भगवद भक्ति के सनातन संदेशों पर प्रकाश डाला। उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का मूल उद्देश्य जीवन में सकारात्मकता और उच्च आदर्शों का समावेश करना है। इस दौरान उन्होंने समीप स्थित श्री बालाजी मंदिर में भी विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं जन-मंगल की कामना की।

राज्यपाल के कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण पहलू गौ-सेवा का रहा। गौशाला परिसर में पहुंचकर उन्होंने गायों को चारा खिलाया और जीव-दया के महत्व को प्रदर्शित किया। इसी क्रम में, वर्षा ऋतु की अनुकूलता को देखते हुए उन्होंने गौशाला परिसर में पौधारोपण भी किया। अपने संबोधन में राज्यपाल ने इस बात पर विशेष बल दिया कि पर्यावरण का संरक्षण करना हर नागरिक का नैतिक दायित्व है। उन्होंने उपस्थित लोगों से आह्वान किया कि इस वर्षा काल में वे अधिक से अधिक संख्या में वृक्षारोपण करें ताकि प्रकृति और मानवता का संतुलन बना रहे।

राज्यपाल की यह यात्रा जहां आध्यात्मिक गरिमा और लोक संस्कृति के मिलन का साक्षी बनी, वहीं गौ-सेवा और पर्यावरण के प्रति उनके संदेश ने समाज को एक सकारात्मक दिशा देने का प्रयास किया है। उनका यह प्रयास भारतीय संस्कृति में निहित 'सर्वजन हिताय' की भावना को बल प्रदान करता है।

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