शिक्षा और आत्मनिर्भरता से ही होगा नट समाज का सशक्त उत्थान: राज्यपाल हरिभाऊ बागडे
कोटपूतली-बहरोड़ के सुजातनगर में राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने नट समाज को शिक्षा और आत्मनिर्भरता का संदेश दिया। कार्यक्रम में समुदाय की ऐतिहासिक भूमिका, सांस्कृतिक विरासत और विकास योजनाओं को लेकर महत्वपूर्ण बातें सामने आईं।

कोटपूतली-बहरोड़ के सुजातनगर में शनिवार को नट समाज उत्थान सेवा समिति के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे, जहां उन्होंने समुदाय के कल्याण के लिए शिक्षा पर जोर दिया।
सुजातनगर में नट समाज उत्थान सेवा समिति के कार्यक्रम में शामिल हुए राज्यपाल, घुमंतू समुदाय की कला-संस्कृति और ऐतिहासिक योगदान को किया नमन
जयपुर/कोटपूतली-बहरोड़, 20 जून। राजस्थान के राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने शनिवार को कोटपूतली-बहरोड़ जिले के पावटा उपखण्ड स्थित ग्राम सुजातनगर में आयोजित नट समाज उत्थान सेवा समिति के कार्यक्रम एवं श्री दादी रूपा सती के वार्षिक मेले में भाग लेते हुए नट समुदाय के सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक उत्थान का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि परंपरागत कला और कौशल को संरक्षित रखते हुए शिक्षा को अपनाना ही समाज की नई पीढ़ी को मुख्यधारा से जोड़ने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने घुमंतू समुदायों के ऐतिहासिक योगदान का उल्लेख किया और कहा कि नट समाज ने देश के विभिन्न कालखंडों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने महाराणा प्रताप के संघर्षों से लेकर स्वतंत्रता आंदोलन तक समुदाय के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि नट समाज की कला और सांस्कृतिक विरासत भारतीय परंपरा की अमूल्य धरोहर है।
इस अवसर पर नट समाज के नन्हे कलाकारों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने विशेष आकर्षण बटोरा। राज्यपाल ने कलाकार बच्चों की प्रतिभा, अनुशासन और एकाग्रता की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि कला और कौशल के साथ शिक्षा को भी समान महत्व देना आवश्यक है, ताकि आने वाली पीढ़ियां आधुनिक अवसरों का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर और सशक्त बन सकें।
राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा व्यक्ति के बौद्धिक विकास का आधार है और यही उसे रोजगार एवं स्वावलंबन के नए अवसर प्रदान करती है। उन्होंने समुदाय के अभिभावकों से बच्चों को नियमित रूप से विद्यालयों से जोड़ने तथा राजकीय विद्यालयों और छात्रावासों में उपलब्ध सुविधाओं का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की।
उन्होंने बताया कि लगभग 65 हजार की आबादी वाले घुमंतू नट समुदाय के कल्याण के लिए सरकार विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है। इन योजनाओं के माध्यम से आवास, राशन, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। राज्यपाल ने समाज के लोगों से जागरूक होकर सरकारी योजनाओं, आरक्षण और अन्य उपलब्ध सुविधाओं का लाभ लेने का आग्रह किया।
भारतीय संस्कृति, इतिहास और परंपराओं के महत्व पर प्रकाश डालते हुए राज्यपाल ने युवाओं से अपनी सांस्कृतिक पहचान और मूल्यों को संजोकर रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि परंपरा और आधुनिकता के संतुलित समन्वय से ही एक मजबूत समाज और सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है।
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने क्षेत्र के नट समुदाय की समस्याओं और मांगों को भी सुना। उन्होंने चिकित्सा, आवास और शिक्षा संबंधी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर नट समाज उत्थान सेवा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्ञान सिंह तथा प्रदेश अध्यक्ष कुशाल नट सहित समाज के अनेक प्रतिनिधियों ने राज्यपाल का 51 किलो फूलों की माला, साफा और प्रतीक चिह्न भेंट कर सम्मान किया। सुजातनगर में आयोजित यह कार्यक्रम नट समाज के सामाजिक उत्थान, सांस्कृतिक गौरव और शिक्षा के प्रति जागरूकता को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण अवसर बनकर उभरा।

Pratahkal Bureau
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