राजस्थान के राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने कहा कि चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उन्हें आयकर तथा जीएसटी से जुड़े नियमों की पालना सुनिश्चित कराने के साथ औद्योगिक क्षेत्रों में पर्यावरण मानकों के अंकेक्षण की दिशा में भी विशेष रूप से सजग रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास और जलवायु परिवर्तन के बीच संतुलन बनाए रखने में सीए प्रोफेशनल्स की महत्वपूर्ण भूमिका है तथा सूक्ष्म अंकेक्षण के माध्यम से राष्ट्र के राजस्व में अधिकाधिक योगदान देना समय की आवश्यकता है।

राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे शनिवार को जयपुर स्थित बिड़ला सभागार में द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया द्वारा वर्ष 2047 में भारत की उत्कृष्टता की परिकल्पना पर आयोजित ‘क्षितिज’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कैपिटल बजटिंग, बजट पूर्वानुमान और वित्तपोषण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में सीए प्रोफेशनल्स को ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ कार्य करते हुए देश के विकास में अहम योगदान देना चाहिए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया के आदर्श वाक्य ‘य एष सुप्तेषु जागर्ति’ का उल्लेख करते हुए कहा कि कठोपनिषद का यह मंत्र विद्यार्थियों के जीवन का पथप्रदर्शक बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसका अर्थ है कि जब सभी सोए हों तब भी हमें जागृत रहना चाहिए। इसी भावना के साथ प्रत्येक नागरिक को राष्ट्र के प्रति समर्पित होकर अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए।

राज्यपाल ने कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य और राष्ट्र निर्माण से जुड़े कार्यों में सामाजिक सहभागिता बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सीए प्रोफेशनल्स फर्मों, व्यावसायिक संगठनों और कंपनियों को ऐसे सुझाव दें, जिनसे सीएसआर के अंतर्गत उन क्षेत्रों में कार्य हो सके जहां समाज को वास्तविक आवश्यकता है। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित वर्गों तक पहुंच सुनिश्चित करने, आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने तथा बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास में सरकारी और निजी क्षेत्र की प्रभावी साझेदारी पर बल दिया।

उन्होंने सीए विद्यार्थियों से जीएसटी, फॉरेंसिक अंकेक्षण और अन्य वित्तीय कार्यों में कानून की मर्यादाओं का पालन करते हुए पारदर्शिता बनाए रखने, नियमों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने तथा औद्योगिक विकास के साथ राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। राज्यपाल ने विद्यार्थियों से भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़कर आधुनिक विकास की राह पर आगे बढ़ने की आवश्यकता भी जताई।

इससे पूर्व राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने कार्यक्रम के दौरान स्मारिका ‘क्षितिज’ का विमोचन भी किया।

Pratahkal Bureau

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