जयपुर, 21 फरवरी। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमने आने वाले समय की कार्ययोजना बजट के रूप में रखने के साथ ही पहली बार सदन में अपनी सरकार के दो साल का रिपोर्ट कार्ड भी रखा था और उस पर सार्थक बहस का विपक्ष को अवसर दिया था लेकिन पूर्ववर्ती सरकार ने अपने 5 वर्षों में कुछ नहीं किया और अब उन लोगों में सच्चाई सुनने की हिम्मत नहीं है, इसलिए वे सदन छोड़कर चले गए।


रिपोर्ट कार्ड और विपक्ष की भूमिका

श्री शर्मा ने शनिवार को सदन में कहा कि हर सरकार का उत्तरदायित्व है कि वो हर साल अपने कार्य का रिपोर्ट कार्ड दे। उन्होंने कहा कि:

  • "हमने अपने दोनों वर्षों का लेखा-जोखा जनता के सामने रखा।"
  • "हमने प्रतिपक्ष की चुनौती स्वीकार करते हुए 2 साल बनाम 5 साल का प्रतिवेदन सदन में रखा लेकिन विपक्ष के पास बोलने के लिए कुछ नहीं है।"
  • "वे बहस करते तो 5 साल की सच्चाई जनता के सामने आ जाती।"
तार्किक बहस का अभाव

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने अपनी सरकार व गत सरकार के विकास कार्यों के तुलनात्मक आंकड़ों का लेखा-जोखा एक लिखित पुस्तिका के माध्यम से सदन की मेज पर रखा गया था, जिस पर अध्यक्ष ने बहस की अनुमति दी थी। उन्होंने कहा कि:

"संसदीय लोकतंत्र में अगर विभिन्न राजनीतिक दलों की सरकारों के अलग अलग कालखंड में किये गये विकास कार्यों व नीतियों पर तार्किक बहस होती तो इससे अच्छी बात कुछ हो नहीं सकती थी।"

संकल्प पत्र और बजट घोषणाओं का तुलनात्मक विवरण

श्री शर्मा ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ के मूल मंत्र पर राज्य सरकार जनकल्याण के लिए कार्य कर रही है।

  • आपणो अग्रणी राजस्थान संकल्प पत्र के कुल 392 वादों में से 73 प्रतिशत को पूरा कर लिया गया है या उनका कार्य प्रगति पर है।
  • पिछली सरकार के पांच वर्षों में कुल 4148 घोषणाएं की गईं, जिनमें से 2208 घोषणाएं यानि 53 प्रतिशत पूरी ही नहीं की गईं।
  • अंतिम वर्ष 2023-24 में 1426 घोषणाएं की गईं, जिनमें 1142 यानि 80 प्रतिशत पर कोई काम नहीं हुआ।
गत सरकार की 'जीरो वर्क' घोषणाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के 5 वर्षों के कार्यकाल में 626 घोषणाएं ऐसी की गई, जिन पर काम शून्य रहा, यानी केवल वोटबैंक की राजनीति के लिए लोकलुभावन वादे कर दिए गए। इनमें शामिल हैं:

  • 450 करोड़ रुपये की लागत से 2000 पायलट ड्रोन देने की घोषणा।
  • 400 करोड़ से चार माइस सेंटर बनाने की घोषणा।
  • 125 करोड़ से पांच गोल्फ कोर्स बनाने की घोषणा।
  • 125 करोड़ से विश्वकर्मा एसएमई टावर बनाने जैसी घोषणाएं।
वर्तमान सरकार का क्रियान्वयन रिकॉर्ड

राज्य सरकार के मात्र दो वर्षों में 2719 बजट घोषणाएं की गईं, जिनमें से 919 घोषणाएं पूर्ण की जा चुकी हैं और 1 हजार 531 पर कार्य प्रगतिरत है; इस तरह 90 प्रतिशत की स्वीकृतियां जारी कर दी गई हैं और 80 प्रतिशत घोषणाएं पूर्ण हो चुकी हैं या धरातल पर क्रियान्वयन शुरू हो गया है।

पेंशन और सामाजिक सुरक्षा में वृद्धि

मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब कल्याण की भावना को आत्मसात करते हुए राज्य सरकार ने पिछली सरकार की योजनाओं की प्रभावशीलता को बढ़ाया है:

  • न्यूनतम पेंशन राशि को बढ़ाकर 1300 रुपये कर दिया गया है।
  • 2 वर्षों में सामाजिक सुरक्षा पेंशन में 10 लाख से अधिक नए पेंशनर्स जोड़े गए हैं, जो पूर्ववर्ती सरकार के शुरुआती 2 वर्षों के मुकाबले 3 गुना अधिक है।
  • मुख्यमंत्री वृद्धजन सम्मान पेंशन पर 16 हजार 69 करोड़ रुपये व्यय हुआ है (पिछली सरकार के 9 हजार 913 करोड़ से डेढ़ गुना अधिक)।
  • विशेष योग्यजन पेंशन पर 1 हजार 737 करोड़ रुपये व्यय किया गया (पूर्ववर्ती सरकार की तुलना में पौने दो गुना अधिक)।
अन्य जनकल्याणकारी उपलब्धियां
  • बीपीएल परिवारों को डेढ़ गुना निःशुल्क आवासीय भूखंड आवंटन।
  • पालनहार योजना के अंतर्गत सवा दो गुना व्यय।
  • स्वास्थ्य बीमा योजना में 37 लाख 53 हजार लाभान्वित (पिछली सरकार की तुलना में तीन गुना)।
  • गिवअप अभियान के तहत 54 लाख व्यक्तियों ने स्वैच्छिक गिवअप किया और 27 लाख अपात्रों के नाम हटाए गए।
  • 72 लाख पात्र व्यक्तियों को एनएफएसए योजना से जोड़ा गया।
  • 2 लाख 19 हजार स्वामित्व कार्ड मय पट्टा वितरित किए जा चुके हैं।
युवा कल्याण: टेबलेट, लैपटॉप और नियुक्तियां

"हमने विद्यार्थियों को 88 हजार 724 टेबलेट और लेपटॉप वितरण किए जबकि पिछली सरकार ने एक भी टेबलेट या लेपटॉप बच्चों को नहीं दिया।"

  • दो साल में 3 लाख 41 हजार 347 युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया (गत सरकार के 5 साल से डेढ़ गुना)।
  • 185 राजकीय महाविद्यालयों का भवन निर्माण (गत सरकार से सवा तीन गुना)।
  • 21 नये पॉलिटेक्निक कॉलेज खोले गए।
  • अनुप्रति कोचिंग योजना में 35 हजार से अधिक युवा लाभान्वित।
सरकारी भर्तियां और रोजगार

श्री शर्मा ने कहा कि गत सरकार ने जो नौकरियां दी उनमें से 65 हजार भर्तियां पूर्ववर्ती सरकार के समय की थी। वर्तमान स्थिति इस प्रकार है:

  • 2 वर्षों में 1 लाख से अधिक पदों पर सरकारी नियुक्तियां दी जा चुकी हैं।
  • लगभग 1 लाख 55 हजार पदों पर भर्तियां प्रक्रियाधीन हैं।
  • वर्ष 2026 के लिए 1 लाख पदों का भर्ती कैलेंडर जारी किया गया है।
कृषि और बुनियादी ढांचा
  • 344 लाख मीटर तारबंदी करवाई (गत सरकार के 5 साल की तुलना में तीन गुना)।
  • 35 हजार 368 फार्म पौंड और 296 लैम्पस का निर्माण।
  • महिला कल्याण में गत सरकार की चिरंजीवी ममता एक्सप्रेस और शुभ लक्ष्मी जैसी योजनाओं पर काम शून्य रहा।
स्वास्थ्य और जल प्रबंधन

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य पर कोरोना काल से भी अधिक खर्च किया गया है:

  • 2 साल में 'मा' योजना में 7 हजार 445 करोड़ रुपये का कैशलेस उपचार (कोरोना काल के 7 हजार 357 करोड़ से अधिक)।
  • रामजल सेतु लिंक परियोजना और यमुना जल समझौते पर ठोस कार्य।
  • हरियाणा सरकार के साथ समझौते के बाद डीपीआर का कार्य प्रगति पर और अलाइनमेंट पर सहमति प्राप्त।

"हमने आने वाले समय की कार्ययोजना बजट के रूप में रखने के साथ ही पहली बार सदन में अपनी सरकार के दो साल का रिपोर्ट कार्ड भी रखा था।"

Pratahkal Newsroom

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