जयपुर: सरकारी अनुदान से किसान कैलाश पिपलोदा ने बदली खेती की तस्वीर
राजस्थान सरकार की कृषि यंत्र योजना के तहत 50 प्रतिशत अनुदान पाकर जयपुर के किसान ने आधुनिक मशीनीकरण से फसल उत्पादन और आय में वृद्धि की।

जयपुर की ग्राम पंचायत चीथवाड़ी में कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ प्रगतिशील किसान कैलाश पिपलोदा (बाएं से दूसरे) अपने नए कृषि यंत्र के साथ।
जयपुर, 15 मई। राजस्थान सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी कृषि योजनाओं ने ग्रामीण परिवेश में समृद्धि के नए द्वार खोल दिए हैं, जिसका जीवंत उदाहरण जयपुर की ग्राम पंचायत चीथवाड़ी के प्रगतिशील किसान कैलाश पिपलोदा के रूप में सामने आया है। ग्राम रथ अभियान 2026 के अंतर्गत प्रकाश में आई यह सफलता की कहानी दर्शाती है कि किस प्रकार आधुनिक तकनीक और सरकारी प्रोत्साहन पारंपरिक खेती की चुनौतियों को अवसर में बदल रहे हैं।
किसान कैलाश पिपलोदा के अनुसार, पूर्व में पारंपरिक पद्धति से कृषि कार्य करना न केवल समयसाध्य था, बल्कि इसमें अत्यधिक श्रम और भारी मजदूरी खर्च भी वहन करना पड़ता था। कृषि कार्यों में होने वाले विलंब का सीधा नकारात्मक प्रभाव फसल उत्पादन पर पड़ता था, जिससे आर्थिक लाभ सीमित रह जाता था। इस संकटपूर्ण स्थिति के बीच कृषि विभाग के अधिकारियों ने उन्हें राज्य सरकार की कृषि यंत्र योजना से अवगत कराया। इस योजना के अंतर्गत कैलाश को कृषि यंत्रों की खरीद पर 50 प्रतिशत का महत्वपूर्ण अनुदान प्राप्त हुआ, जिसने उनकी कृषि यात्रा को एक नया मोड़ दे दिया।
आधुनिक कृषि यंत्रों की उपलब्धता ने खेती की पूरी प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध बना दिया है। अब बुवाई से लेकर कटाई तक के सभी कार्य नियत समय पर संपन्न हो रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप न केवल उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है बल्कि उनकी आय का ग्राफ भी बढ़ा है। कैलाश पिपलोदा ने अपनी इस प्रगति का श्रेय माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा और कृषि विभाग को देते हुए राज्य सरकार की किसान हितैषी नीतियों के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया है। उन्होंने अन्य कृषकों को भी प्रेरित करते हुए आह्वान किया कि वे आधुनिक कृषि तकनीकों और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी आजीविका को सुदृढ़ बनाएं। यह सफलता सुनिश्चित करती है कि सरकारी सहयोग और तकनीक का समन्वय खेती को एक अत्यंत लाभकारी व्यवसाय बनाने में पूर्णतः सक्षम है।

