30 सितंबर तक राजस्थान की सभी गौशालाओं में शत-प्रतिशत डिजिटल टैगिंग अनिवार्य, मंत्री जोराराम कुमावत के सख्त निर्देश
राजस्थान की सभी गौशालाओं में 30 सितंबर 2026 तक शत-प्रतिशत डिजिटल टैगिंग होगी। मंत्री जोराराम कुमावत ने समीक्षा बैठक में अनुदान, भूमि आवंटन और लंबित योजनाओं पर अहम निर्देश दिए।

जयपुर स्थित शासन सचिवालय में आयोजित गोपालन विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत। तस्वीर में शासन सचिव विकास सीताराम भाले और निदेशक कसमी कौर रान समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित हैं।
जयपुर में 28 जुलाई को शासन सचिवालय में गोपालन, पशुपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के कैबिनेट मंत्री श्री जोराराम कुमावत की अध्यक्षता में गोपालन विभाग की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में राज्य की गौशालाओं की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने, गौवंश के संरक्षण और विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए कई महत्वपूर्ण और कड़े निर्णय लिए गए।
बैठक के दौरान मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने निर्देश दिए कि राज्य की सभी गौशालाओं में रह रहे गौवंश की आगामी 30 सितंबर 2026 तक अनिवार्य रूप से शत-प्रतिशत टैगिंग पूरी की जाए। उन्होंने बताया कि गौशालाओं के गौवंश की पहचान को आसान और सटीक बनाने के लिए उन पर एक विशेष रंग की टैगिंग की जाएगी। साथ ही गौवंश के शरीर पर विशेष चिप लगाई जाएगी। इसके लिए एक नया सॉफ्टवेयर विकसित कर सभी गौवंश का पूरा डेटा उसमें ऑनलाइन अपलोड किया जाएगा, जिससे उनकी निगरानी डिजिटल रूप से की जा सकेगी।
समीक्षा बैठक में मंत्री श्री कुमावत ने गोशाला विकास योजना, पंचायत स्तरीय पशु आश्रय स्थल तथा पंचायत समिति स्तरीय नंदीशाला जन सहभागिता योजना के कार्यों की विस्तृत समीक्षा भी की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन सभी योजनाओं के अंतर्गत जितने भी कार्य अभी तक लंबित या अधूरे हैं, उन्हें शीघ्र अतिशीघ्र पूरा किया जाए।
गोपालन मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि गौशालाओं को मिलने वाले सरकारी अनुदान की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए, ताकि पात्र गौशालाओं को समय पर अनुदान राशि जारी हो सके और उन्हें आर्थिक तंगी का सामना नहीं करना पड़े। उन्होंने पात्र गौशालाओं को भूमि आवंटन में आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए भूमि आवंटन संबंधी अधिनियम के नियमों को सरल बनाने के निर्देश भी दिए, जिससे नियमानुसार भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया सुगम हो सके।
समीक्षा बैठक में गोपालन विभाग के शासन सचिव विकास सीताराम भाले, निदेशक कसमी कौर रान सहित विभाग के उच्च अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में लिए गए निर्णयों का उद्देश्य गौवंश की डिजिटल निगरानी को मजबूत करना, विभागीय योजनाओं के लंबित कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करना तथा गौशालाओं को मिलने वाली प्रशासनिक और वित्तीय सुविधाओं को अधिक प्रभावी बनाना है।

Pratahkal Bureau
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