भगवान महावीर कैंसर हॉस्पिटल में खुला राजस्थान का पहला 'आरंभ' लिविंग विल सेंटर
गंभीर बीमारी या जीवन के अंतिम चरण में चिकित्सा संबंधी निर्णयों के लिए राजस्थान के इस पहले सेंटर पर कानूनी और चिकित्सकीय मार्गदर्शन मिलेगा।

तस्वीर में राज्यपाल हरिभाऊ किसानराव बागडे जयपुर में आरंभ लिविंग विल सेंटर के पोस्टर का विमोचन करते हुए.
जयपुर। गंभीर बीमारी या जीवन के अंतिम चरण में चिकित्सा संबंधी निर्णय लेने में असमर्थ होने की स्थिति के लिए व्यक्ति अपनी इच्छाएं पहले से व्यक्त कर सके, इसी उद्देश्य से भगवान महावीर कैंसर हॉस्पिटल (बीएमसीएच), जयपुर में राजस्थान के पहले ‘आरंभ’ लिविंग विल काउंसलिंग सेंटर की शुरुआत की गई। शनिवार को विश्व हॉस्पिस एवं पैलिएटिव केयर डे के अवसर पर शुरू हुई इस पहल के माध्यम से लोगों को लिविंग विल के कानूनी और चिकित्सकीय पहलुओं की जानकारी तथा मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा।
राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किसानराव बागडे ने ‘आरंभ’ लिविंग विल काउंसलिंग सेंटर के पोस्टर का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि बीएमसीएच की यह पहल लिविंग विल के प्रति सामाजिक जागरूकता बढ़ाने और लोगों को विश्वसनीय मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के साथ राजस्थान में इस विषय पर व्यवस्थित संवाद को आगे बढ़ाने में सहायक होगी। उन्होंने ‘आरंभ’ को इच्छाओं के सम्मान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
सेंटर का शुभारंभ अस्पताल परिसर में अस्पताल के अध्यक्ष नवरतन कोठारी एवं वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनिला कोठारी ने किया। इस अवसर पर अस्पताल के अधिशासी निदेशक मेजर जनरल एस.सी. पारीक, चिकित्सा निदेशक डॉ. गीतांजली अग्रवाल जोशी, पैलिएटिव केयर विभाग की निदेशक डॉ. अंजुम खान जोड़ तथा चिकित्सक एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
इस मौके पर डॉ. गीतांजली अग्रवाल जोशी ने बताया कि बीएमसीएच की हॉस्पिस एवं पैलिएटिव केयर संबंधी पहल के तहत ‘आरंभ’ के माध्यम से लोगों को लिविंग विल के महत्व, इसे तैयार करने की प्रक्रिया, इससे जुड़ी कानूनी औपचारिकताओं और चिकित्सा संबंधी निर्णयों के विभिन्न पहलुओं पर मार्गदर्शन दिया जाएगा।
सेंटर का उद्देश्य लोगों को जागरूक करना है, ताकि वे गंभीर बीमारी या जीवन के अंतिम चरण में स्वयं निर्णय लेने में असमर्थ होने की स्थिति के लिए अपनी चिकित्सा संबंधी इच्छाएं पहले से स्पष्ट कर सकें। ‘आरंभ’ के माध्यम से लिविंग विल को लेकर जानकारी और परामर्श उपलब्ध कराने की यह पहल लोगों को अपने चिकित्सा संबंधी निर्णयों और इच्छाओं को समय रहते व्यक्त करने में मार्गदर्शन प्रदान करेगी।

