उर्वरकों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री का कड़ा रुख: कालाबाजारी पर वार, प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उर्वरकों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, साथ ही अवैध भंडारण और कालाबाजारी करने वालों पर कार्रवाई होगी।

राजस्थान में आगामी खरीफ सीजन के दौरान किसानों को उर्वरकों की किल्लत न हो, इसके लिए राज्य सरकार ने अपनी कमर कस ली है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही इनके वितरण में पूरी पारदर्शिता बरतने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश का अन्नदाता खाद के लिए परेशान न हो और उर्वरकों का उपयोग संतुलित तरीके से हो, ताकि भूमि की उर्वरता बनी रहे और पैदावार में वृद्धि हो सके।
मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में कृषि एवं सहकारिता विभाग के अधिकारियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि उर्वरकों के वितरण का संपूर्ण रिकॉर्ड ऑनलाइन संधारित किया जाए। यह तकनीकी पहल किसानों की वास्तविक आवश्यकता की तथ्यात्मक जानकारी प्राप्त करने में सहायक सिद्ध होगी। मुख्यमंत्री ने कड़े लहजे में कहा कि उर्वरकों की कालाबाजारी या अवैध भंडारण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसे तत्वों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए, जो कृषकों के हितों से खिलवाड़ कर रहे हैं।
बैठक के दौरान उर्वरकों के संतुलित और वैज्ञानिक उपयोग पर भी विशेष जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि किसान कृषि वैज्ञानिकों के साथ मिलकर मृदा परीक्षण कराएं, ताकि मिट्टी की आवश्यकता के अनुरूप ही उर्वरकों का प्रयोग सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कृषि पर्यवेक्षकों के क्षमता संवर्धन पर बल देते हुए कहा कि उन्हें विशेष प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए, ताकि वे किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती की ओर प्रेरित कर सकें। मुख्यमंत्री ने उर्वरकों के संयमित उपयोग से न केवल मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने, बल्कि फसल की उत्तम पैदावार प्राप्त करने के लिए भी किसानों को जागरूक करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर उर्वरक कंपनियों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि राज्य में उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति बनी रहेगी। बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित कृषि एवं सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं उर्वरक कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री के ये निर्देश न केवल खरीफ सीजन की तैयारियों को मजबूती प्रदान करते हैं, बल्कि प्राकृतिक खेती की दिशा में राजस्थान के बढ़ते कदमों को भी रेखांकित करते हैं। राज्य सरकार की यह पहल किसानों के प्रति संवेदनशीलता और पारदर्शी शासन व्यवस्था को दर्शाती है।

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