सहकारिता मंत्री गौतम कुमार दक ने दिए सहकारी समितियों से ही उर्वरक वितरण के निर्देश
सहकारिता राज्य मंत्री ने कालाबाजारी रोकने के लिए निजी डीलरों पर रोक लगाने और सहकारी समितियों के माध्यम से ही खाद आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

शासन सचिवालय जयपुर में शुक्रवार को आगामी खरीफ एवं रबी सीजन में उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार दक (बाएं) और उपस्थित अधिकारीगण।
आगामी खरीफ और रबी सीजन से पहले राज्य सरकार ने किसानों को निर्बाध उर्वरक आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार दक ने इफको और कृभको अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राज्य में उर्वरकों का वितरण पूर्ण रूप से क्रय-विक्रय सहकारी समितियों और ग्राम सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से ही किया जाए। उन्होंने निजी डीलरों के जरिए उर्वरकों की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने तथा कालाबाजारी पर सख्त नियंत्रण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
श्री दक शुक्रवार को शासन सचिवालय स्थित अपने कक्ष में आगामी खरीफ एवं रबी सीजन में उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में उन्होंने कहा कि सहकारी समितियों के माध्यम से उर्वरक वितरण सुनिश्चित होने से किसानों को उचित दर पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध हो सकेगी और कालाबाजारी की घटनाओं पर भी अंकुश लगेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन ब्लॉकों में अभी सहकारी समितियों के माध्यम से यूरिया और डीएपी सहित अन्य उर्वरकों की आपूर्ति नहीं हो पा रही है, वहां वितरण तंत्र को और अधिक मजबूत किया जाए। साथ ही डूंगरपुर और बांसवाड़ा क्षेत्रों में भी उर्वरक रैक पहुंचाने के निर्देश दिए गए।
सहकारिता मंत्री ने नकली खाद पर प्रभावी रोक लगाने के लिए सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि सहकारी समितियों के माध्यम से केवल इफको, कृभको और सहकारी मॉडल पर आधारित चुनिंदा कम्पनियों की खाद ही बेची जाए। उन्होंने सभी जिला उप रजिस्ट्रार और निरीक्षकों को सहकारी समितियों के गोदामों का नियमित निरीक्षण करने तथा यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि अन्य किसी कम्पनी के उत्पाद बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं हों। निरीक्षण के फोटोग्राफ्स अनिवार्य रूप से भेजने के निर्देश भी बैठक में दिए गए।
श्री दक ने कहा कि किसान हित में सहकारी आंदोलन की भावना के अनुरूप उर्वरक वितरण व्यवस्था को मजबूत करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि राज्य के सभी जिलों और प्रत्येक ब्लॉक में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराया जाए तथा इसके लिए केन्द्र सरकार से अतिरिक्त आवंटन प्राप्त करने के प्रयास किए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि किसान अभी नैनो उर्वरकों के उपयोग के प्रति पूरी तरह तैयार नहीं हैं, इसलिए नैनो उर्वरकों की अनिवार्य बिक्री के बजाय पहले किसानों को इसके लाभों की जानकारी देकर जागरूक किया जाए।
बैठक में मध्यप्रदेश की सहकारी संस्था मार्कफेड की कार्यप्रणाली के अध्ययन के लिए कृषि एवं सहकारिता विभाग के अधिकारियों का संयुक्त दल मध्यप्रदेश भेजने के निर्देश भी दिए गए। इफको, कृभको और कृषि विभाग के अधिकारियों ने बैठक में उर्वरकों के आवंटन, वितरण, भंडारण और मॉनिटरिंग व्यवस्था की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मांग केन्द्र सरकार को भेजी जा चुकी है और आवश्यक आवंटन भी प्राप्त हो चुका है।
बैठक में किसानों को खाद, बीज और कीटनाशक की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पैक्स को प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केन्द्र के रूप में विकसित किए जाने पर भी चर्चा हुई। कृषि विभाग के अधिकारियों ने जानकारी दी कि पैक्स व्यवस्थापकों को लाइसेंस जारी करने हेतु आयु सीमा में शिथिलता प्रदान की गई है और लंबित लाइसेंस शीघ्र जारी किए जाएंगे।
समीक्षा बैठक में सहकारिता विभाग के शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार सहकारी समितियां डॉ. समित शर्मा, राजफेड के प्रबंध निदेशक सौरभ स्वामी, संयुक्त शासन सचिव सहकारिता विभाग प्रहलाद सहाय नागा, अतिरिक्त निदेशक (इनपुट) गोपाल लाल, अतिरिक्त निदेशक (प्रोसेसिंग) शुद्धोधन उज्ज्वल, अतिरिक्त रजिस्ट्रार (मार्केटिंग) केदारमल मीणा, इफको के राज्य विपणन प्रबंधक पृथ्वीराज सिहाग, कृभको के राज्य विपणन प्रबंधक रामजीलाल शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में किसानों तक समय पर खाद पहुंचाने, नकली उर्वरकों पर नियंत्रण और सहकारी समितियों की भूमिका को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
