जयपुर, 25 अक्टूबर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दीपावली से पहले राजस्थान के किसानों को बड़ी सौगात दी है। नागौर जिले के बिरलोका में 220 केवी ग्रिड सब-स्टेशन (जीएसएस) सफलतापूर्वक शुरू होने के साथ ही अजमेर विद्युत वितरण निगम (डिस्कॉम) के सभी 14 जिलों में किसानों को दिन के समय दो ब्लॉक में बिजली आपूर्ति का रास्ता साफ हो गया है। इससे किसानों को रात में सिंचाई करने की मजबूरी से राहत मिलेगी और कृषि कार्य अधिक सुरक्षित एवं सुविधाजनक हो सकेंगे।

अब तक अजमेर डिस्कॉम के 14 में से 13 जिलों में किसानों को दिन के समय दो ब्लॉक में बिजली आपूर्ति की व्यवस्था लागू थी। बिरलोका जीएसएस के शुरू होने से अब शेष जिले में भी यह व्यवस्था लागू हो सकेगी। लगभग 170 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस परियोजना का लाभ बिरलोका, नारवा, हिसाबा, पांचला सिद्धा, खींवसर, पांचौड़ी सहित आसपास के क्षेत्रों को मिलेगा। विशेष रूप से संपूर्ण खींवसर तहसील में किसानों को दिन के समय दो ब्लॉक में बिजली उपलब्ध कराने की व्यवस्था मजबूत होगी।

इस जीएसएस में 160 एमवीए क्षमता का 220/132 केवी पावर ट्रांसफॉर्मर स्थापित किया गया है। अत्याधुनिक स्काडा प्रणाली के उपयोग से पश्चिमी राजस्थान में उत्पादित सौर ऊर्जा का नागौर जिले में बेहतर उपयोग संभव होगा। इसके साथ ही विद्युत छीजत में कमी आएगी तथा वोल्टेज स्तर, बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता और विश्वसनीयता में सुधार होगा।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए वर्ष 2027 तक प्रदेश के किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराने की बजट घोषणा की थी। इस लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया जा रहा है। अब तक प्रदेश के 26 जिलों में किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध करवाई जा रही है।

बिरलोका में 220 केवी जीएसएस के सफल संचालन से अजमेर डिस्कॉम के सभी 14 जिलों में दिन के समय दो ब्लॉक में बिजली आपूर्ति की व्यवस्था का विस्तार होगा। इससे किसानों को सिंचाई के लिए रात में निर्भरता से राहत मिलने के साथ बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता और विश्वसनीयता बेहतर बनाने में भी मदद मिलेगी।

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