जयपुर, 13 फरवरी। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान के निर्यात सेक्टर का निरंतर विकास हो रहा है तथा कुल निर्यात में भी वृद्धि हुई है। डीजीसीआई भारत सरकार द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025-26 की पहली छमाही में ही राजस्थान से 50 हजार 900 करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात हुआ है।


निर्यात के तुलनात्मक आंकड़े: आर्थिक समीक्षा 2024-25

राज्य से वर्ष 2024-25 में कुल 97 हजार 171 करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात हुआ। जो वर्ष 2023-24 के कुल निर्यात 83 हजार 704 करोड़ रुपये की तुलना में 13 हजार 467 करोड़ रुपये अधिक है।

गत दो वर्षों में राज्य सरकार की महत्वपूर्ण नीतियों और ठोस निर्णयों से प्रदेश के निर्यातकों को हर संभव सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है। जिससे प्रदेश के उत्पादों की वैश्विक छवि मजबूत बन रही है और स्थानीय स्तर पर रोजगार का सृजन भी हो रहा है। राजस्थान की पांच प्रमुख निर्यातक वस्तुओं में निम्न शामिल हैं, जिनका राज्य के निर्यात में 67 प्रतिशत से अधिक हिस्सा है:

  • इंजीनियरिंग वस्तुएं
  • रत्न एवं आभूषण
  • धातु
  • वस्त्र
  • हस्तशिल्प

प्रमुख सेक्टर्स में निर्यात वृद्धि का विवरण

आर्थिक समीक्षा 2025-26 के आंकड़ों के अनुसार विभिन्न क्षेत्रों में निर्यात की स्थिति इस प्रकार रही:

  • कपड़ा निर्यात: वर्ष 2024-25 में 9 हजार 700 करोड़ रुपये से अधिक रहा, जबकि वर्ष 2023-24 में यह आंकड़ा 8 हजार 819 करोड़ रुपये था।
  • रत्न एवं आभूषण सेक्टर: वर्ष 2024-25 में 17 हजार 567 करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात था। यह आंकड़ा वर्ष 2023-24 में 11 हजार 183 करोड़ रुपये रहा।
  • अभियांत्रिकी सेक्टर: वर्ष 2024-25 में 19 हजार 849 करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात किया गया। जबकि वर्ष 2023-24 में इस सेक्टर से 16 हजार 592 करोड़ रुपये का निर्यात हुआ।
  • धातु सेक्टर (लौह एवं अलौह): वर्ष 2024-25 में 10 हजार 24 करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात किया गया। वर्ष 2023-24 में इस सेक्टर की दोनों श्रेणियों से कुल 9 हजार 857 करोड़ रुपये का ही निर्यात हुआ।
  • हस्तशिल्प वस्तुएं: वर्ष 2024-25 में 8 हजार 444 करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात हुआ। यह निर्यात आंकड़ा वर्ष 2023-24 में 7 हजार 986 करोड़ रुपये था।

कृषि निर्यात और ‘कॉन्क्लेव ऑन स्पाइसेज’ का निर्णय

बजट 2026-27 में प्रदेश में मसाला उत्पादन तथा निर्यात को बढ़ावा देने की दृष्टि से आगामी वर्ष राष्ट्रीय स्तर के ‘कॉन्क्लेव ऑन स्पाइसेज’ का आयोजन किया जाएगा। साथ ही, कृषि जिन्सों के प्रोसेसिंग, व्यवसाय एवं निर्यात को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से प्रदेश के चयनित जिलों में 2 हजार कृषकों, प्रोसेसर्स, व्यापारियों व निर्यातकों को प्रशिक्षण दिलवाया जाएगा।

गत दो वर्षों से अधिक समय में प्रदेश में कृषि एवं खाद्य उत्पाद निर्यात में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2024-25 में इस सेक्टर से 7 हजार 195 करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात हुआ। यह निर्यात वर्ष 2023-24 में 6 हजार 486 करोड़ रुपये था।


राजस्थान निर्यात प्रोत्साहन नीति-2024 और सरलीकरण

मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा प्रदेश के निर्यात सेक्टर की प्रगति के लिए निरन्तर प्रयासरत हैं। इसी क्रम में, राजस्थान निर्यात प्रोत्साहन नीति-2024 लाई गई। इस नीति के माध्यम से निर्यात प्रक्रियाओं को सरल बनाकर और सिंगल विण्डो क्लियरेंस स्थापित करके राजस्थान की वैश्विक व्यापार में स्थिति को मजबूत बनाने, नवाचारों को प्रोत्साहित करने और रोजगार के अवसर भी सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है।

इस नीति में निम्नलिखित बिन्दुओं पर प्रोत्साहन दिया जाता है:

  • निर्यात दस्तावेजीकरण
  • गुणवत्ता एवं प्रबंधन प्रमाण हेतु सहायता
  • विपणन सहायता
  • उत्पाद परीक्षण प्रोत्साहन

"मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप प्रदेश में निर्यात संबंधी नवाचारों को निरन्तर बढ़ावा दिया जा रहा है।"

Pratahkal Newsroom

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