जयपुर, 13 फरवरी। जल संसाधन मंत्री श्री सुरेश सिंह रावत ने शुक्रवार को विधानसभा में कहा कि संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चम्‍बल लिंक परियोजना (पीकेसी-ईआरसीपी एकीकृत) अन्‍तर्गत लाभान्वित जिलों में दौसा जिला भी सम्मिलित है।


परियोजना की वर्तमान स्थिति और डीपीआर

  • उन्होंने कहा कि वर्तमान में परियोजना की डीपीआर केन्‍द्रीय जल आयोग, नई दिल्‍ली में परीक्षणाधीन है।
  • "यहां से सक्षम स्वीकृति के पश्चात् ही बांदीकुई के रेहडिया बांध को परियोजना से जोड़ने के संबंध में स्थिति स्पष्ट होगी।"

विधानसभा प्रश्नकाल के दौरान जवाब

जल संसाधन मंत्री श्री रावत प्रश्नकाल के दौरान सदस्य श्री भागचन्द टांकड़ा द्वारा इस संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने रेहडिया बांध की स्थिति पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की:

"बांदीकुई का रेहडिया बांध विगत 20 वर्षों में केवल तीन बार ही अपनी पूर्ण भराव क्षमता 187 एमसीएफ तक भरा है।"


भविष्य की कार्ययोजना और बांधों का जुड़ाव

इससे पहले विधायक श्री टांकड़ा के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में जल संसाधन मंत्री ने बताया कि वर्तमान में संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चम्‍बल लिंक (पीकेसी-ईआरसीपी एकीकृत) परियोजना की डीपीआर केन्‍द्रीय जल आयोग, नई दिल्‍ली में परीक्षणाधीन है।

उन्होंने बताया कि परियोजना अन्‍तर्गत जोड़े जाने वाले बांधों के विवरण के संबंध में डीपीआर की सक्षम स्वीकृति एवं जल उपलब्‍धता के आकलन अनुसार अग्रिम कार्यवाही प्रस्‍तावित है।

Pratahkal Newsroom

Pratahkal Newsroom

प्रातःकाल न्यूज़-रूम, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा न्यूज़-रूम राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story