जयपुर/शिरडी। देशभर के सरकारी कर्मचारियों के हितों की रक्षा और भविष्य की सुरक्षा को लेकर महाराष्ट्र की पावन धरा शिरडी में एक बड़ा वैचारिक मंथन होने जा रहा है। अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ (AISGEF) के 18वें राष्ट्रीय सम्मेलन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने और राजस्थान के कर्मचारियों की मांगों को राष्ट्रीय पटल पर मजबूती से रखने के लिए अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ का 35 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल आज गुलाबी नगरी जयपुर से रवाना हुआ। 23 जनवरी से 26 जनवरी 2026 तक चलने वाले इस चार दिवसीय महाकुंभ में प्रदेश के कर्मचारी नेता हुंकार भरेंगे, जिसका नेतृत्व महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष महावीर शर्मा और प्रदेश महामंत्री महावीर सियाग कर रहे हैं।

इस महत्वपूर्ण दल में राजस्थान के विभिन्न सेवा क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले निर्वाचित शीर्ष नेता शामिल हैं। दल में पशु चिकित्सा कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष अर्जुन शर्मा, राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष प्यारेलाल चौधरी, राजस्थान ग्राम विकास अधिकारी संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रहलाद जाट एवं प्रदेश महामंत्री शिवराज चौधरी, तथा राजस्थान नर्सिंग एसोसिएशन की प्रदेश महामंत्री सुनीता चौधरी अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएंगी। इनके साथ ही शिक्षक संघ प्रगतिशील के महामंत्री किशनलाल सारण, अजमेर की जिला अध्यक्ष पुष्पा धर्गेया, सहायक कर्मचारी संघ के प्रदेश कोषाध्यक्ष मोहनलाल मीणा और एएनएम एवं एलएचबी संघ ऑफ राजस्थान की गायत्री वैष्णव सहित अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी शिरडी के लिए प्रस्थान कर चुके हैं।

महासंघ के प्रदेश प्रवक्ता गोविंद नाटाणी ने इस दौरे के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि शिरडी का यह सम्मेलन केवल एक बैठक नहीं, बल्कि आगामी संघर्ष की रूपरेखा तय करने वाला एक ऐतिहासिक मंच साबित होगा। सम्मेलन के दौरान राष्ट्रीय कार्यकारिणी के लोकतांत्रिक निर्वाचन के साथ-साथ उन ज्वलंत मुद्दों पर गहन चर्चा की जाएगी जो वर्तमान में सरकारी कर्मचारियों के अस्तित्व और अधिकारों से सीधे जुड़े हैं। महासंघ का मुख्य फोकस देशभर में पुरानी पेंशन योजना (OPS) की पूर्ण बहाली सुनिश्चित करना है, ताकि सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारी का जीवन सुरक्षित हो सके।

इसके अतिरिक्त, केंद्र और राज्य सरकारों पर आठवें वेतन आयोग को अविलंब लागू करने का दबाव बनाने के लिए राष्ट्रव्यापी रणनीति तैयार की जाएगी। संविदा पर कार्यरत हजारों कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग और सरकारी विभागों में रिक्त पड़े लाखों पदों पर स्थाई भर्ती प्रक्रिया शुरू करवाना इस सम्मेलन के मुख्य एजेंडे में शामिल है। जयपुर से रवाना होते समय कर्मचारियों के चेहरों पर जोश और एकजुटता का भाव स्पष्ट नजर आ रहा था। इंकलाब जिंदाबाद के नारों के साथ निकला यह दल इस संकल्प के साथ आगे बढ़ा है कि जब तक कर्मचारियों की वाजिब मांगों पर सरकारें ठोस निर्णय नहीं लेतीं, तब तक यह संघर्ष राष्ट्रीय स्तर पर निरंतर जारी रहेगा।

Pratahkal Newsroom

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