राजस्थान में डिजिटल शिक्षा को नई रफ्तार, उच्च शिक्षा नामांकन में देश के शीर्ष 7 राज्यों में शामिल
राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने राज्यसभा में पूछे गए सवाल के जवाब का हवाला देते हुए राजस्थान में शिक्षा, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, उच्च शिक्षा नामांकन, ड्रॉपआउट दर में कमी और केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़े साझा किए। जानिए क्या-क्या जानकारी सामने आई।

तस्वीर में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ जयपुर में एक बैठक के दौरान बैठे हुए दिखाई दे रहे हैं।
जयपुर, 5 अगस्त 2026। राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक सुधारों के साथ राजस्थान को लगातार सशक्त बना रही है। उन्होंने बताया कि शिक्षा मंत्रालय के अनुसार राजस्थान में वर्तमान में 1,06,445 विद्यालय, 1.60 करोड़ से अधिक विद्यार्थी तथा लगभग 7.93 लाख शिक्षक हैं। इनमें 28,452 विद्यालय आधुनिक स्मार्ट कक्षाओं, डिजिटल बोर्ड, स्मार्ट टीवी और वर्चुअल कक्षाओं जैसी सुविधाओं से सुसज्जित हैं, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन का प्रमाण हैं।
मदन राठौड़ ने बताया कि समग्र शिक्षा योजना के तहत राज्य में अब तक 8,945 आईसीटी प्रयोगशालाएं तथा 7,698 स्मार्ट कक्षाएं स्थापित की जा चुकी हैं। वर्ष 2023-26 के दौरान डिजिटल शिक्षा अवसंरचना के लिए 36,188.50 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त भारतनेट परियोजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी माध्यमिक विद्यालयों को ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह जानकारी शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ के सवाल के जवाब में सदन को दी।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की घोषणा के बाद इसके क्रियान्वयन के लिए कई महत्वपूर्ण परिवर्तन किए गए, जिनके परिणामस्वरूप स्कूल और उच्च शिक्षा दोनों क्षेत्रों में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किए गए हैं। उन्होंने बताया कि राजस्थान में उच्च शिक्षा का सकल नामांकन अनुपात वर्ष 2014-15 में 20 प्रतिशत था, जो वर्ष 2023-24 में बढ़कर 29.5 प्रतिशत तक पहुंच गया। इसी अवधि में महिला नामांकन अनुपात 17.9 प्रतिशत से बढ़कर 30.3 प्रतिशत हो गया है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन के कारण राज्य में विद्यालय छोड़ने की दर में भी लगातार कमी दर्ज की गई है। वर्ष 2023-24 से 2025-26 के बीच प्राथमिक स्तर पर ड्रॉपआउट दर 3.7 प्रतिशत से घटकर 3.6 प्रतिशत, मिडिल स्तर पर 5.2 प्रतिशत से घटकर 4.6 प्रतिशत तथा माध्यमिक स्तर पर 10.9 प्रतिशत से घटकर 7.5 प्रतिशत हो गई है।
मदन राठौड़ ने बताया कि देश में वर्तमान में 1,289 विश्वविद्यालय, 48,246 कॉलेज और 15,221 स्टैंड-अलोन संस्थान संचालित हैं। इनमें राजस्थान में 93 विश्वविद्यालय, 4,344 कॉलेज तथा 791 स्टैंड-अलोन संस्थान संचालित हो रहे हैं, जिससे राज्य देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है।
उन्होंने कहा कि देश में उच्च शिक्षा में कुल छात्र नामांकन 4.50 करोड़ है और राजस्थान करीब 27.37 लाख छात्रों के साथ उच्च शिक्षा में छात्र नामांकन के मामले में देश के शीर्ष 7 राज्यों में शामिल है। साथ ही 4,344 कॉलेजों के साथ राजस्थान सभी राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों में कॉलेजों की चौथी सबसे अधिक संख्या वाला राज्य है, जो राज्य के व्यापक उच्च शिक्षा ढांचे को दर्शाता है।
राठौड़ ने कहा कि अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग तथा ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए केंद्र सरकार विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं, छात्रावास सुविधाओं और वित्तीय सहायता कार्यक्रमों का संचालन कर रही है। राजस्थान में 31 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों को स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा उच्च शिक्षण संस्थानों में 2,242 छात्रावास उपलब्ध हैं, जिनकी कुल क्षमता 2.79 लाख से अधिक विद्यार्थियों की है।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार प्रधानमंत्री ई-विद्या, दीक्षा, पीएम-श्री, स्वयं तथा पीएम-उषा जैसी योजनाओं के माध्यम से डिजिटल शिक्षा को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। इन योजनाओं के जरिए विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और तकनीक आधारित शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे ये प्रयास विकसित भारत के निर्माण की मजबूत आधारशिला सिद्ध होंगे तथा राजस्थान के लाखों विद्यार्थियों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

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