देश के असंगठित श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने की दिशा में केंद्र सरकार की ऐतिहासिक पहल ‘ई-श्रम पोर्टल’ अब एक बड़े परिवर्तनकारी मंच के रूप में उभर चुकी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अंत्योदय के संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से शुरू किए गए इस पोर्टल के माध्यम से देशभर के करोड़ों श्रमिकों का एकीकृत राष्ट्रीय डेटाबेस तैयार किया जा रहा है, जिससे उन्हें यूनिवर्सल अकाउंट नंबर के जरिए विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जा सके।

असंगठित क्षेत्र में कार्यरत निर्माण श्रमिकों, कृषक मजदूरों, घरेलू कामगारों, रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं, परिवहन क्षेत्र से जुड़े श्रमिकों, वस्त्र उद्योग कर्मियों सहित गिग वर्कर्स की बड़ी संख्या देश की अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करती है। इन श्रमिकों की व्यवस्थित जानकारी के अभाव में योजनाओं का लाभ प्रभावी रूप से पहुंचाना लंबे समय से एक चुनौती रही है। इसी चुनौती के समाधान के रूप में 26 अगस्त 2021 को श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा ई-श्रम पोर्टल की शुरुआत की गई थी।

राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में इस अभियान को व्यापक गति मिली है और राज्य ने इसमें सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई है। राज्य में अब तक 1 करोड़ 54 लाख 50 हजार 294 श्रमिक ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत हो चुके हैं। इनमें 82 लाख 40 हजार 291 महिलाएं और 72 लाख 9 हजार 896 पुरुष श्रमिक शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि कुल पंजीकरण में महिलाओं की भागीदारी 53.33 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो सामाजिक और आर्थिक क्षेत्रों में उनकी बढ़ती सक्रियता को दर्शाती है।

राज्य के पंजीकरण आंकड़ों के अनुसार कृषि क्षेत्र इस सूची में सबसे आगे है, जहां 85 लाख 99 हजार 316 श्रमिक पंजीकृत हुए हैं। इसके बाद निर्माण क्षेत्र में 24 लाख 29 हजार 179 श्रमिक तथा वस्त्र एवं परिधान उद्योग में 8 लाख 2 हजार 650 श्रमिकों का पंजीकरण दर्ज किया गया है। ये आंकड़े ग्रामीण और औद्योगिक अर्थव्यवस्था में ई-श्रम पोर्टल की बढ़ती उपयोगिता को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं।

पंजीकरण प्रक्रिया के माध्यमों में भी व्यापक भागीदारी देखने को मिली है। राज्य में 1 करोड़ 2 लाख 27 हजार 852 श्रमिकों ने स्वयं ऑनलाइन पंजीकरण किया है, जबकि 51 लाख 62 हजार 175 श्रमिक कॉमन सर्विस सेंटर्स के माध्यम से इस प्रणाली से जुड़े हैं। इसके अतिरिक्त राज्य सेवा केंद्रों, उमंग प्लेटफॉर्म और अन्य माध्यमों से भी श्रमिकों का पंजीकरण किया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह अभियान व्यापक स्तर पर प्रभावी ढंग से आगे बढ़ रहा है।

ई-श्रम पोर्टल पर 21 अक्टूबर 2024 को ‘वन-स्टॉप-सॉल्यूशन’ की शुरुआत के बाद यह व्यवस्था और अधिक प्रभावी हो गई है। इसके तहत विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को एकीकृत किया गया है, जिससे श्रमिकों को एक ही मंच पर योजनाओं की जानकारी और लाभ प्राप्त करने की सुविधा मिल रही है। इनमें प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन योजना, राष्ट्रीय पेंशन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, अटल पेंशन योजना, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, बुनकर स्वास्थ्य बीमा योजना, प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना सहित अनेक प्रमुख योजनाएं शामिल हैं।

इसके साथ ही यह पोर्टल रोजगार और कौशल विकास के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना, गरीब कल्याण रोजगार योजना, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना और प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम जैसी योजनाओं को जोड़कर श्रमिकों के लिए आजीविका और स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

ई-श्रम पोर्टल की सरल और सुलभ पंजीकरण प्रक्रिया इसकी सबसे बड़ी विशेषता मानी जा रही है। 16 से 59 वर्ष आयु वर्ग के ऐसे असंगठित श्रमिक, जो ईपीएफओ, ईएसआईसी या सरकारी पेंशन प्रणाली के सदस्य नहीं हैं, वे आधार और मोबाइल नंबर के माध्यम से स्वयं पंजीकरण कर सकते हैं। इसके अलावा कॉमन सर्विस सेंटर, राज्य सेवा केंद्र तथा उमंग ऐप के माध्यम से भी निःशुल्क पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध है।

देश और विशेष रूप से राजस्थान में ई-श्रम पोर्टल असंगठित श्रमिकों के जीवन में सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार बनता जा रहा है। यह पोर्टल न केवल योजनाओं तक पारदर्शी और प्रभावी पहुंच सुनिश्चित कर रहा है, बल्कि श्रमिकों को आत्मनिर्भरता की दिशा में भी अग्रसर कर रहा है, जो विकसित भारत और विकसित राजस्थान-2047 के लक्ष्य की ओर एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Pratahkal Bureau

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