राजस्थान: 25 हजार का इनामी ड्रग तस्कर जालम सिंह जालोर से गिरफ्तार
एएनटीएफ ने ऑपरेशन मदमलज़ के तहत अंतरराज्यीय तस्कर को निजी बस से पकड़ा। फर्जी नाम और भेष बदलकर कर रहा था फरारी।

जालोर में राजस्थान एएनटीएफ की टीम द्वारा गिरफ्तार अंतरराज्यीय ड्रग तस्कर जालम सिंह (जमीन पर बैठा हुआ)।
राजस्थान पुलिस की एंटी नार्कोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने नशा तस्करों के नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में एक और बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए पिछले छह माह से फरार चल रहे अंतरराज्यीय ड्रग तस्कर जालम सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। पच्चीस हजार रुपये का इनामी यह अपराधी राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र के बीच अवैध मादक पदार्थों की आपूर्ति का मुख्य सूत्रधार था। एएनटीएफ के महानिरीक्षक विकास कुमार ने बताया कि विशेष 'ऑपरेशन मदमलज़' के तहत टीम ने जाल बिछाकर तस्कर को जालोर जिले के कागमाला टोल प्लाजा पर एक निजी बस से धर दबोचा। इस गिरफ्तारी के साथ ही एएनटीएफ ने हाल के समय में 70 फरार तस्करों को कानून के दायरे में लाने का महत्वपूर्ण पड़ाव पूरा कर लिया है।
बालोतरा जिले के सिवाना थाना क्षेत्र के कुड़ल निवासी जालम सिंह का आपराधिक सफर बेहद नाटकीय रहा है। लगभग 16 वर्ष पूर्व मजदूरी के उद्देश्य से गुजरात गए जालम सिंह ने जल्द धन कमाने के लालच में मादक पदार्थों की तस्करी के दलदल में कदम रखा। वह एमडी (मैफेड्रोन) खरीदकर उसमें पाउडर मिलाकर उसकी मात्रा बढ़ाता था और दोगुने मुनाफे के साथ उसे गुजरात के हिम्मतनगर व आसपास के इलाकों में खपाता था। करीब छह माह पूर्व जालोर के भीनमाल में उसके एक साथी के पकड़े जाने के बाद से ही वह पुलिस की पकड़ से बाहर था। अपनी फरारी के दौरान उसने तकनीकी सर्विलांस से बचने के लिए मोबाइल का उपयोग पूरी तरह बंद कर दिया था और वलसाड, सूरत, मुंबई, ठाणे व पुणे जैसे शहरों में छिपकर अपनी गतिविधियां संचालित कर रहा था।
पुलिस की चपलता और तस्कर की चालबाजियों का मुकाबला करने के लिए एएनटीएफ ने एक अनूठी रणनीति अपनाई। टीम ने एक फर्जी ग्राहक बनकर जालम सिंह के पुराने तस्करी साझेदार से संपर्क किया और राजस्थान में ड्रग्स का बड़ा नेटवर्क स्थापित करने का प्रलोभन दिया। इस लालच में फंसा जालम सिंह महाराष्ट्र से एक निजी बस के जरिए राजस्थान की ओर चल पड़ा। उसने अपनी पहचान छिपाने के लिए 'जगदीश' के फर्जी नाम से टिकट बुक कराया था। कागमाला टोल प्लाजा पर एएनटीएफ की टीम ने जब बस में सवार यात्रियों के दस्तावेजों की जांच की, तो संदिग्ध व्यवहार के कारण वह पकड़ा गया। पूछताछ के दौरान उसने अपनी पहचान और किए गए अपराधों को स्वीकार कर लिया।
एएनटीएफ के इस सफल ऑपरेशन में शामिल पुलिसकर्मियों को भविष्य में सम्मानित किया जाएगा। महानिरीक्षक विकास कुमार ने आमजन से अपील की है कि वे मादक पदार्थों से जुड़ी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी एएनटीएफ के नियंत्रण कक्ष या व्हाट्सएप नंबर पर साझा करें, ताकि समाज को नशे के जाल से मुक्त रखा जा सके। इस गिरफ्तारी ने न केवल एक शातिर तस्कर को सलाखों के पीछे पहुंचाया है, बल्कि अंतरराज्यीय ड्रग सिंडिकेट की कमर भी तोड़ी है।

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