जयपुर। राजस्थान दिवस समारोह 2026 के भव्य उपलक्ष्य में गुलाबी नगरी के ऐतिहासिक हवा महल स्मारक में पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग द्वारा 'राजस्थान के प्राचीन सिक्के और मुद्रा' विषय पर एक विशेष प्रदर्शनी का आगाज़ किया गया है। 17 से 19 मार्च 2026 तक चलने वाले इस त्रि-दिवसीय आयोजन में राजस्थान के सदियों पुराने वैभवशाली इतिहास को मुद्राओं के माध्यम से जीवंत किया गया है, जहाँ विभिन्न कालखंडों की दुर्लभ मुद्राएं पर्यटकों और जिज्ञासुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।

पुरातत्व विभाग द्वारा आयोजित इस महत्वपूर्ण प्रदर्शनी में प्राचीनतम पंचमार्क सिक्कों से लेकर आधुनिक काल तक के इतिहास को क्रमिक रूप से संजोया गया है। प्रदर्शनी में प्रदर्शित मुद्राओं की विस्तृत श्रृंखला में इंडो-ग्रीक, ढलित सिक्के, योद्धेय गणराज्य की मुद्राएं, जनजातीय सिक्के, कुषाण एवं उत्तर कुषाण कालीन अवशेष, पश्चिम क्षत्रप और गुप्तकालीन स्वर्णमयी युग के प्रतीक शामिल हैं। इसके अतिरिक्त इण्डो-ससेनियन, गधैया, आदिवराह तथा विशिष्ट घुड़सवार-नदी शैली के सिक्के तत्कालीन कला और अर्थव्यवस्था पर प्रकाश डालते हैं।





मध्यकालीन एवं रियासतकालीन इतिहास की झलक प्रस्तुत करते हुए यहाँ अजयदेव चौहान, सोमलदेवी, कलचुरी राजवंश सहित दिल्ली सल्तनत, मुगल, उत्तर मुगल, जौनपुर सुल्तान और गुजरात सुल्तान के शासनकाल की मुद्राएं प्रदर्शित की गई हैं। आधुनिक इतिहास के संधि काल को दर्शाते हुए ईस्ट इंडिया कंपनी और ब्रिटिश काल के सिक्कों के साथ-साथ जयपुर रियासत के विख्यात 'झाड़शाही' सिक्के, विभिन्न ऐतिहासिक मेडल, टोकन और नजरी सिक्कों का अद्भुत संग्रह यहाँ मौजूद है। साथ ही, देशी रियासतों के अंतर्गत बूंदी एवं बीकानेर आदि के विशिष्ट सिक्कों को भी अवलोकन हेतु रखा गया है।

यह प्रदर्शनी न केवल आम पर्यटकों के लिए कौतूहल का विषय है, बल्कि मुद्राशास्त्र के शोधार्थियों के लिए भी ऐतिहासिक तथ्यों के संकलन की दृष्टि से अत्यंत लाभदायक सिद्ध होगी। हवा महल की प्राचीरों के बीच सजी यह प्रदर्शनी राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक और व्यापारिक विरासत के उन अनछुए पहलुओं को उजागर करती है, जो समय के साथ इतिहास के पन्नों में सिमट गए थे।

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Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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