मुख्य सचिव ने राजस्थान दिवस 2026 को भव्य रूप से मनाने के दिए निर्देश
मुख्य सचिव श्री वी श्रीनिवास ने पर्यटन और कला-संस्कृति विभाग की समीक्षा बैठक में 19 मार्च को राजस्थान दिवस के भव्य आयोजन और जयपुर में चिंतन शिविर हेतु निर्देशित किया।

जयपुर स्थित सचिवालय में मुख्य सचिव श्री वी श्रीनिवास की अध्यक्षता में आयोजित पर्यटन, कला और संस्कृति विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान उपस्थित वरिष्ठ अधिकारीगण।
जयपुर, 16 फरवरी। मुख्य सचिव श्री वी श्रीनिवास की अध्यक्षता तथा अतिरिक्त मुख्य सचिव, पर्यटन तथा कला, साहित्य एवं संस्कृति और पुरातत्व विभाग श्री प्रवीण गुप्ता, आयुक्त पर्यटन श्रीमती रुक्मणि रियाड़ की उपस्थिति में सोमवार को सचिवालय में पर्यटन विभाग तथा कला, साहित्य एवं संस्कृति और पुरातत्व विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई जिसमें उन्होंने महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
राजस्थान दिवस 2026 का भव्य आयोजन
मुख्य सचिव श्री वी श्रीनिवास ने कहा है कि "इस बार राजस्थान दिवस (19 मार्च 2026) को पर्यटन तथा कला, साहित्य एवं संस्कृति और पुरातत्व विभाग के संयुक्त तत्वाधान में भव्य रूप से आयोजित किया जाए।" इसमें राज्य की विभिन्न कलाओं का प्रतिनिधित्व करने वाले कलाकारों को मंच उपलब्ध करवाया जावे।
जयपुर में एक दिवसीय चिंतन शिविर के निर्देश
मुख्य सचिव ने यह भी निर्देश दिए कि कला, साहित्य एवं संस्कृति विभाग उनकी उपस्थिति में जयपुर में कला एवं संस्कृति आधारित एक दिवसीय चिंतन शिविर का बड़े स्तर पर आयोजन किया जावे। उन्होंने कहा कि "हमारी समृद्ध कला संस्कृति और साहित्य के संरक्षण और बढ़ावा दिया जाना चाहिए।"
पर्यटन विभाग की उपलब्धियां एवं प्रगति
मुख्य सचिव ने राईजिंग राजस्थान में पर्यटन विभाग के प्रदर्शन की जानकारी ली और राजस्थान पर्यटन को आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण बताया। पर्यटन आयुक्त रुक्मणि रियाड़ ने प्रस्तुतिकरण देते हुए निम्नलिखित बिंदुओं से अवगत कराया:
- राज्य में पर्यटन नीति 2025 लागू हो गई है और नई राजस्थान फिल्म प्रोत्साहन नीति-2025 भी जारी की गई है।
- राज्य में 9 युनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट हैं और घरेलू पर्यटकों की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है।
- राजस्थान पर्यटन का यूट्यूब चैनल सम्पूर्ण भारत में चौथे नम्बर पर है।
- पर्यटक सुरक्षा बल का सुदृढ़ीकरण किया गया है और इसमें महिला सुरक्षा कर्मियों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि "राजस्थान पर्यटन विभाग के लिए कार्य किया जाना गर्व की बात है। आप सब इस पर गर्व करने के साथ ही और अधिक ऊर्जा से कार्य करें।"
कला, साहित्य एवं संस्कृति का संरक्षण
मुख्य सचिव ने विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि राजस्थान की संस्कृति बहुत समृद्ध है। उन्होंने निर्देश दिए कि:
- राज्य की भाषा, साहित्य, कला से सम्बंधित प्रत्येक अकादमी वर्ष में कम से कम एक बड़ा आयोजन करें।
- अकादमियों द्वारा किताबों के कम प्रकाशन पर उन्होंने नाराजगी जताई और राजस्थान के कम से कम 15 अग्रणी लेखकों की विभिन्न विषय आधारित किताबें प्रकाशित करने के निर्देश दिए।
- रविंद्र मंच और जवाहर कला केंद्र पर होने वाले आयोजनों का समग्र प्रचार-प्रसार किया जाए।
- प्रदर्शन कलाओं से जुड़े कलाकारों को वृहद स्तर पर मंच और बेहतर अवसर प्रदान कर प्रोत्साहित किया जाए।
उन्होंने कहा कि "सम्पूर्ण भारत में राजस्थान एक ऐसा राज्य है जहाँ साहित्य, कला एवं संस्कृति के प्रत्येक आयाम आधारित संस्थाओं का गठन किया है। इन संस्थाओं का सदुपयोग करते हुए कला साहित्य एवं संस्कृति बेहतर रूप में बढ़ावा देने का कार्य किया जावे।"
रिक्त पदों को भरने की प्राथमिकता
मुख्य सचिव ने पर्यटन, कला, साहित्य एवं संस्कृति तथा पुरातत्व विभाग के खाली पदों को प्राथमिकता से भरा जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभागीय पदोन्नति से भरे जा सकने वाले पदों को त्वरित प्रभाव से पदोन्नति कर भरा जावे।
बैठक में उपस्थित अधिकारीगण
बैठक में निम्नलिखित अधिकारी उपस्थित रहे:
- अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) पर्यटन: श्रीमती एकता काबरा
- उप सचिव पर्यटन: श्री सुरेश बुनकर
- अतिरिक्त निदेशक पर्यटन: श्री आनंद त्रिपाठी, श्री पवन जैन
- संयुक्त निदेशक पर्यटन: श्री राजेश शर्मा, श्री दलीप सिंह राठौड़
- उप शासन सचिव कला, साहित्य एवं संस्कृति: श्रीमती अनुराधा गोगिया
- निदेशक पुरातत्व विभाग: श्री पंकज धरेन्द्र
- राजस्थान धरोहर प्राधिकरण मुख्य कार्यकारी अधिकारी: श्री राम रतन शर्मा
- निदेशक राजस्थान राज्य अभिलेखगार, बीकानेर: श्री चंद्रसेन शेखावत
- सचिव राजस्थान साहित्य अकादमी, उदयपुर: श्री बसंत सिंह सोलंकी
- निदेशक अरबी फारसी शोध संस्थान, टोंक: श्री भूपेंद्र कुमार यादव
- जयपुर कत्थक केन्द्र सचिव: श्रीमती श्रुति मिश्रा
- राजस्थानी भाषा, साहित्य संस्कृति अकादमी, बीकानेर: श्री शरद केवलिया
- भारतीय लोक कला मण्डल उदयपुर: श्री टीसी मारवा
- निदेशक राजस्थान संस्कृत अकादमी, जयपुर: श्रीमती लता श्रीमाली
- सचिव राजस्थान ललित कला अकादमी: श्री रजनीश हर्ष
- सचिव पंजाबी अकादमी: एन पी सिंह
- सचिव राजस्थान संगीत नाटक अकादमी: श्रीमती गोमती शर्मा तथा अन्य सम्बन्धित अधिकारी।

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