सीमा पर पहुंचे डीजीपी राजीव कुमार शर्मा, जवानों से संवाद और ग्रामीणों की जनसुनवाई
डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों का दौरा कर नोख थाना, बीओपी और गांवों में सुरक्षा व्यवस्था परखी। जवानों से संवाद, ग्रामीणों की जनसुनवाई और कानून व्यवस्था को लेकर अधिकारियों से फीडबैक लिया।

राजस्थान के पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा पश्चिमी राजस्थान के दो दिवसीय सीमावर्ती दौरे पर पहुंचे। बुधवार को उन्होंने सीमावर्ती पुलिस थानों, बॉर्डर आउट पोस्ट और गांवों का दौरा कर सुरक्षा एवं पुलिस व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने सीमा पर तैनात जवानों और सीमा प्रहरियों से संवाद किया तथा ग्रामीणों की समस्याएं सुनकर अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
निर्धारित कार्यक्रम के तहत डीजीपी राजीव कुमार शर्मा बुधवार सुबह फलौदी के सीमावर्ती नोख थाने पहुंचे। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर स्थित यह थाना दूर-दराज के क्षेत्र में है। ऐसे में जनसहयोग लेकर पुलिसकर्मी बेहतर पुलिसिंग करें और नशा तस्करों, साइबर अपराधियों तथा सोलर कंपनियों से संबंधित अपराधों की रोकथाम के लिए पूरे जज्बे के साथ कार्य करें। उन्होंने क्षेत्र की पुलिसिंग व्यवस्था की जानकारी ली और पुलिसकर्मियों से संवाद कर उनका हौसला बढ़ाया।
डीजीपी ने विपरीत परिस्थितियों में भी नागरिक सुरक्षा की अहम जिम्मेदारी निभाने के लिए पुलिसकर्मियों की सराहना की। उन्होंने थाने के स्वागत कक्ष में बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही पुलिसकर्मियों को प्रथम प्रतिक्रियाकर्ता के रूप में आम जनता के प्रति मृदु और सहयोगी व्यवहार रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि थाने में आने वाला प्रत्येक व्यक्ति संतुष्ट होकर जाए।
इसके बाद डीजीपी ग्राम जालुवाला पहुंचे, जहां उन्होंने सीमा संवाद और जनसुनवाई की। उन्होंने ग्रामीणों से राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानने और सजग रहते हुए किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की सूचना सबसे पहले समीपस्थ पुलिस चौकी या थाने को देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र में प्रत्येक गतिविधि पर पुलिस की प्रभावी निगरानी होनी चाहिए और संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित हो।
जनसुनवाई और सीमा संवाद के दौरान पुलिस महानिदेशक ने पुलिसकर्मियों को स्थानीय नागरिकों के साथ नियमित संवाद रखने तथा उनकी समस्याओं का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में आबादी कम है, ऐसे में बीट कांस्टेबल के पास गांव के प्रत्येक परिवार के किसी एक व्यक्ति का मोबाइल नंबर होना चाहिए। वहीं ग्रामीणों के पास भी बीट कांस्टेबल का नंबर अवश्य होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पुलिस और आमजन के बीच आपसी समन्वय के साथ अपराधों और नशे की रोकथाम के लिए प्रयास किए जाने चाहिए। विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से आमजन को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करने का भी आह्वान किया। उन्होंने बताया कि राजस्थान पुलिस के सोशल मीडिया खातों पर साइबर सुरक्षा, नशे के दुष्प्रभाव, महिला सुरक्षा सहित अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां नियमित रूप से साझा की जा रही हैं। ऐसी जानकारियां ग्रामवार समूहों में भेजकर अंतिम छोर तक लोगों को जागरूक किया जाए।
डीजीपी ने अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर बीएसएफ की रायचंद वाला बॉर्डर आउट पोस्ट पर सीमा प्रहरियों से संवाद किया। उन्होंने क्षेत्र की सुरक्षा, निगरानी और ड्यूटी से जुड़े विषयों पर फीडबैक लिया। विषम परिस्थितियों में भी देश सेवा के लिए डटे रहने वाले जवानों को प्रोत्साहित करते हुए उन्होंने कहा कि बीएसएफ और पुलिस के बीच प्रभावी समन्वय निरंतर बना रहेगा। उन्होंने कहा कि बीएसएफ के सुझाव और सहयोग के लिए राजस्थान पुलिस हमेशा तत्पर रहेगी। डीजीपी ने सीमा क्षेत्र का निरीक्षण भी किया और बीएसएफ अधिकारियों से फीडबैक लिया।
डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के साथ पुलिस और स्थानीय नागरिकों के बीच निरंतर समन्वय पर जोर दिया। उन्होंने पुलिसकर्मियों को सजगता और संवेदनशीलता के साथ दायित्व निभाने के निर्देश दिए। विभिन्न थाना क्षेत्रों में ग्रामीणों के बीच पहुंचकर उन्होंने जनसुनवाई की और परिवेदनाओं पर अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए।
सीमावर्ती क्षेत्र की ग्राम पंचायत जालुवाला में ग्रामीणों से संवाद के दौरान उन्होंने कहा कि पुलिस के साथ ग्रामीणों का निरंतर संवाद रहने से नशे की रोकथाम पर प्रभावी कार्रवाई की जा सकेगी। उन्होंने ग्रामीणों से नशे से दूर रहने और आपसी सौहार्द के साथ रहने की अपील की। ग्राम जालुवाला में डीजीपी ने राजस्थान सशस्त्र कांस्टेबुलरी से सेवानिवृत्त मगना राम को साफा पहनाकर सम्मानित किया।
दोपहर बाद पुलिस महानिदेशक जैसलमेर के नाचना के ग्राम भारेवाला और तनोट थाना क्षेत्र के ग्राम रणाऊ पहुंचे। यहां उन्होंने सीमा संवाद और जनसुनवाई की। उन्होंने ग्रामीणों से पुलिस के साथ समन्वय स्थापित करते हुए विभिन्न प्रकार के अपराधों और नशे की रोकथाम में सहयोग का आह्वान किया। शाम को डीजीपी ने बॉर्डर आउट पोस्ट में सीमा प्रहरियों से संवाद किया और सीमा क्षेत्र का निरीक्षण किया।
दौरे के दौरान जोधपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सत्येंद्र सिंह, पुलिस उपमहानिरीक्षक कुंवर राष्ट्रदीप, बीएसएफ के उपमहानिरीक्षक जितेन्द्र सिंह, जिला कलक्टर अंकित कुमार सिंह, जैसलमेर कलेक्टर अनुपमा जोरवाल, पुलिस अधीक्षक सतनाम सिंह, पुलिस अधीक्षक सीआईडी (एसएसबी जोधपुर) नरपत सिंह, बीएसएफ कमांडेंट एन.पी नेगी सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
डीजीपी के दौरे के दूसरे दिन गुरुवार सुबह श्री तनोटराय माता मंदिर में दर्शन का कार्यक्रम है। इसके बाद सांगड़ थाने का निरीक्षण कर पुलिसकर्मियों से संवाद किया जाएगा। यहां से बालोतरा के सिणधरी थाने पहुंचकर बालोतरा और बाड़मेर के पुलिस अधीक्षकों के साथ कानून व्यवस्था की स्थिति पर चर्चा की जाएगी। दोपहर 3 बजे जालोर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में जालोर, पाली और सिरोही के पुलिस अधीक्षकों के साथ कानून व्यवस्था एवं अपराध की समीक्षा की जाएगी। इस दो दिवसीय दौरे में सीमा सुरक्षा, कानून व्यवस्था, अपराध एवं नशे की रोकथाम के साथ पुलिस और सीमावर्ती ग्रामीणों के बीच निरंतर समन्वय पर विशेष जोर दिया गया।

