जयपुर के सांगानेर थाने के निरीक्षण में डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने लंबित मामलों, महिला अपराध, सामुदायिक पुलिसिंग और उत्कृष्ट थाना निर्माण को लेकर अहम निर्देश दिए।

राजस्थान पुलिस महानिदेशक श्री राजीव कुमार शर्मा ने सोमवार को गोद लिए गए सांगानेर पुलिस थाने का निरीक्षण कर पूर्व में दिए गए निर्देशों की अनुपालना और उनकी प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने थाना परिसर, रिकॉर्ड संधारण, अपराध अनुसंधान, लंबित प्रकरणों के निस्तारण, जनसुनवाई व्यवस्था तथा पुलिस मुख्यालय की प्राथमिकताओं के क्रियान्वयन का अवलोकन करते हुए अधिकारियों को उत्कृष्ट थाना की अवधारणा के अनुरूप कार्यों में और तेजी लाने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान पुलिस आयुक्त जयपुर श्री सचिन मित्तल, उप महानिरीक्षक पुलिस श्री कुंवर राष्ट्रदीप, पुलिस उपायुक्त (पूर्व) रंजीता शर्मा, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त श्री पारस जैन तथा सहायक पुलिस आयुक्त श्री हरिशंकर शर्मा मौजूद रहे। थाना परिसर के निरीक्षण के बाद पुलिस महानिदेशक ने अनुसंधान अधिकारियों और पुलिसकर्मियों की बैठक लेकर विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की।

श्री राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि थाना पुलिस का सबसे महत्वपूर्ण चेहरा होता है और इसकी कार्यप्रणाली में गुणवत्ता, पारदर्शिता, संवेदनशीलता तथा समयबद्धता का समावेश होना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रकरण का गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि न्यायिक प्रक्रिया मजबूत हो और पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके।

उन्होंने केस ऑफिसर योजना के अंतर्गत चिन्हित प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए न्यायालय में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही महिला अत्याचार से जुड़े मामलों का निर्धारित समय-सीमा में अनुसंधान पूरा कर प्राथमिकता से निस्तारण करने तथा एक वर्ष से अधिक समय से लंबित प्रकरणों को विशेष अभियान चलाकर समाप्त करने के लिए कहा।

पुलिस महानिदेशक ने सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से दुर्घटना संभावित हॉटस्पॉट चिन्हित कर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कमजोर वर्ग से जुड़े अपराधों की रोकथाम पर विशेष ध्यान देने, पुलिस सत्यापन समयबद्ध रूप से पूरा करने तथा कानून-व्यवस्था से संबंधित मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।

सामुदायिक पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाने पर बल देते हुए श्री शर्मा ने कहा कि बीट अधिकारी नियमित रूप से सार्वजनिक स्थानों पर बैठकें आयोजित कर आमजन को नए आपराधिक कानूनों, साइबर अपराधों से बचाव तथा पुलिस की विभिन्न जनहितकारी सेवाओं के बारे में जागरूक करें। उन्होंने पुलिस की विजिबिलिटी बढ़ाने, अनुशासन बनाए रखने और आमजन के साथ संवेदनशील एवं सम्मानजनक व्यवहार को पुलिसिंग का मूल आधार बताया।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने थाना परिसर में अभिलेखों के सुव्यवस्थित संधारण, स्वच्छता, कार्यालय व्यवस्थाओं तथा आमजन की सहज पहुंच के लिए किए गए सुधार कार्यों की सराहना की। उन्होंने इन व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश देते हुए कहा कि पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी ‘उत्कृष्ट थाना मार्गदर्शिका’ के सभी मानकों को समयबद्ध रूप से लागू कर सांगानेर थाने को प्रदेश के आदर्श थानों में विकसित किया जाए। इस दौरान थानाधिकारी श्री लिखमाराम एवं थाना स्टाफ ने पूर्व में प्राप्त निर्देशों के अनुरूप थाने के बेहतर रख-रखाव और आमजन के लिए पुलिस की सहज सुलभता बढ़ाने हेतु किए गए सुधार कार्यों की जानकारी भी दी।

उल्लेखनीय है कि गृह मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार डीजी-आईजी कॉन्फ्रेंस-2025 के तहत 10 वर्ष से अधिक सेवा अनुभव वाले वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों द्वारा एक-एक पुलिस थाना गोद लेकर उसका मार्गदर्शन एवं नियमित पर्यवेक्षण किया जा रहा है। इसी क्रम में पुलिस महानिदेशक श्री राजीव कुमार शर्मा ने सांगानेर थाना गोद लिया है। उन्होंने 22 जून को किए गए प्रथम निरीक्षण में आवश्यक सुधार संबंधी निर्देश दिए थे। सोमवार को पुनः निरीक्षण कर उन निर्देशों की अनुपालना की समीक्षा की और सुधार कार्यों को और अधिक गति देने के निर्देश प्रदान किए।

Pratahkal Bureau

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