राजस्थान: डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने आईएफएस अधिकारियों को दिए वन सुरक्षा के गुर
जयपुर में आईएफएस और पुलिस के बीच उच्च स्तरीय संवाद; अवैध खनन और वन्यजीव अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए आपसी तालमेल और सूचना साझा करने पर बनी सहमति।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण और सुशासन की दिशा में केंद्र सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति को रेखांकित करते हुए राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने श्रीनगर में हुंकार भरी है। गुरुवार, 23 अप्रैल 2026 को जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कर्नल राठौड़ ने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी देश की मातृशक्ति को उनका उचित हक दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और वर्ष 2029 के लोकसभा चुनावों तक महिलाओं को विधायी निकायों में पूर्ण प्रतिनिधित्व दिलाना सरकार का मुख्य लक्ष्य है।
अपने दो दिवसीय श्रीनगर प्रवास के प्रथम दिन मीडिया प्रतिनिधियों से संवाद करते हुए कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने केंद्र सरकार के विजन को साझा किया। इस अवसर पर उनके साथ जम्मू-कश्मीर के पैडर-नागसेनी क्षेत्र से विधायक एवं पूर्व भाजपा जनरल सेक्रेट्री सुनील शर्मा तथा भाजपा के जम्मू-कश्मीर महासचिव मोहम्मद अनवर खान भी मंच पर उपस्थित रहे। कर्नल राठौड़ ने कश्मीर सहित पूरे देश तक सरकार का सकारात्मक संदेश पहुँचाने के उद्देश्य से मीडिया का स्वागत किया और नारी शक्ति वंदन अधिनियम की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला।
संवैधानिक पहलुओं पर चर्चा करते हुए कर्नल राठौड़ ने बताया कि 16 अप्रैल 2026 को संसद में महिला आरक्षण को धरातल पर प्रभावी बनाने हेतु तीन अत्यंत महत्वपूर्ण विधेयक—संविधान संशोधन, डिलिमिटेशन बिल 2026 और यूनियन टेरिटरी अमेंडमेंट लॉ 2026—पेश किए गए थे। उन्होंने विपक्ष की भूमिका पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि विपक्षी दलों ने जनता के बीच भ्रम फैलाकर इस क्रांतिकारी विधेयक की राह में रोड़े अटकाए और इसे पारित नहीं होने दिया। उन्होंने विपक्ष के उन दावों को पूरी तरह भ्रामक करार दिया जिसमें कहा जा रहा था कि बिल पहले ही पास हो चुका है। राठौड़ ने स्पष्ट किया कि पुराने प्रावधानों के तहत आरक्षण लागू करने की प्रक्रिया अत्यधिक जटिल और समय लेने वाली थी, जिसे सुगम बनाने के लिए ही नए विधेयक लाए गए हैं।
देश में महिलाओं की नेतृत्व क्षमता का उदाहरण देते हुए उन्होंने उल्लेख किया कि पंचायती राज संस्थाओं में वर्तमान में लगभग 46 प्रतिशत महिला प्रतिनिधित्व है, जो जमीनी स्तर पर उनके सशक्त नेतृत्व का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में भी समान अवसर प्राप्त हों। कर्नल राठौड़ ने विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर की महिलाओं के साहस और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए उन्हें पूरे देश के लिए प्रेरणा स्रोत बताया। अंत में उन्होंने दोहराया कि प्रधानमंत्री मोदी का संकल्प 2029 तक हर हाल में महिला आरक्षण लागू करना है और भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता इस लक्ष्य की प्राप्ति हेतु समर्पित है, जिससे भारतीय लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी का एक नया स्वर्णिम अध्याय लिखा जाएगा।

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