राजस्थान में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में रविवार को राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद् (राजीविका) की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। सिटिजन-सेंट्रिक अप्रोच पर आधारित इस बैठक में मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के सभी 41 जिलों के जिला परियोजना प्रबंधकों और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी लगभग 425 'लखपति दीदियों' के साथ सीधा और आत्मीय वर्चुअल संवाद किया। इस संवाद के दौरान विभिन्न जिलों की सफल महिलाओं, जिनमें बीकानेर से मोनिका, जयपुर से शांति एवं शालिनी, धौलपुर से पार्वती, जैसलमेर से डिंपल, जालौर से ललिता, अलवर से कविता, टोंक से पिंकी, राजसमंद से सरिता, डूंगरपुर से गायत्री, भरतपुर से बृजेश, झालावाड़ से सुशीला एवं बाड़मेर से डिंपल शामिल थीं, ने अपनी सफलता के प्रेरक अनुभव साझा कर मिशन की सार्थकता को सिद्ध किया।

बैठक की गंभीरता को देखते हुए मुख्य सचिव ने राजीविका के कार्यों में क्रांतिकारी बदलाव लाने के उद्देश्य से 10-स्टेप रिफॉर्म लागू करने के कड़े निर्देश जारी किए। वर्तमान में मिशन के अंतर्गत संचालित 4.34 लाख स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी 51.22 लाख परिवारों की महिलाओं के आर्थिक उत्थान हेतु क्रेडिट लिंकेज, मार्केट लिंकेज एवं स्किल लिंकेज पर आधारित एक सुदृढ़ और व्यापक रोडमैप तैयार करने पर बल दिया गया। श्री श्रीनिवास ने स्पष्ट किया कि इन महिलाओं की सफलता की कहानियों का सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए और उनके मार्गदर्शन हेतु प्रत्येक माह वेबिनार के जरिए सतत संवाद की श्रृंखला स्थापित की जाए।

रणनीतिक कौशल का परिचय देते हुए मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि देश के प्रमुख महानगरों में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के लिए एक समग्र कैलेंडर और शो प्लान तैयार किया जाए ताकि ग्रामीण उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर बाजार उपलब्ध हो सके। उन्होंने उद्योग, एमएसएमई, बीआईपी, टेक्सटाइल एक्सपोर्ट, आरएसएलडीसी एवं आईटीआई जैसे तकनीकी संस्थानों के साथ समन्वय को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया, ताकि महिलाओं द्वारा संचालित कुटीर उद्योगों को भविष्य में एमएसएमई के रूप में पूर्णतः स्थापित किया जा सके। साथ ही, राजस्थान महिला निधि से जुड़ी बैंकिंग प्रक्रियाओं, ऋण की अवधि और पुनर्भुगतान प्रणाली की गहन समीक्षा कर उसे अधिक सुलभ बनाने के निर्देश दिए गए। इस महत्वपूर्ण अवसर पर आयुक्त ईजीएस (नरेगा) श्रीमती पुष्पा सत्यानी, राजीविका की राज्य मिशन निदेशक श्रीमती प्रियंका गोस्वामी, परियोजना निदेशक श्रीमती प्रीति शर्मा सहित समस्त राज्य परियोजना प्रबंधक और बैंकिंग व यंग प्रोफेशनल्स उपस्थित रहे, जो राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की निर्णायक भागीदारी सुनिश्चित करने के संकल्प को दोहराता है।

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