फसल बीमा क्लेम में देरी पर राजस्थान सरकार सख्त, कंपनियों पर लगेगा 12% जुर्माना
कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल ने तीन कंपनियों को नोटिस जारी कर वर्ष 2018 से 2022 के लंबित 33.15 करोड़ रुपये के क्लेम 3 दिन में भुगतान करने के निर्देश दिए।

जयपुर। राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को समय पर बीमा क्लेम का भुगतान सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह गंभीर रुख अपना चुकी है। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों के हितों की निरंतर निगरानी कर रही है, ताकि हर पात्र किसान को उसका उचित क्लेम समय पर मिल सके। किसानों के फसल बीमा क्लेम के भुगतान में हो रही अनावश्यक देरी को लेकर सरकार ने अब बेहद कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है, जिसके तहत दोषी बीमा कंपनियों पर देरी से भुगतान करने के एवज में 12 प्रतिशत की भारी-भरकम पेनाल्टी लगाई जाएगी।
इसी कड़ी में राज्य के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल ने एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड (AICIL), क्षेमा जनरल इंश्योरेंस कंपनी तथा इंडसइंड (रिलायन्स) जनरल इन्श्योरेन्स कम्पनी लिमिटेड को सख्त नोटिस जारी कर दिए हैं। कृषि मंत्री ने इन कंपनियों को लंबित क्लेमों का तत्काल भुगतान करने तथा 12 प्रतिशत पेनल्टी सहित राशि सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि किसानों द्वारा सभी आवश्यक दस्तावेज जमा कराए जाने के बावजूद वर्ष 2018 से 2022 तक के करीब 33.15 करोड़ रुपये के फसल बीमा क्लेम अभी तक लंबित पड़े हैं। राज्य सरकार के बार-बार निर्देशों और भारत सरकार द्वारा 16 फरवरी 2024 को जारी दिशा-निर्देशों के बावजूद इन कंपनियों द्वारा कोई सार्थक कार्रवाई नहीं की जा रही है। जबकि परिचालन मार्गदर्शिका 2023 के नियमों के अनुसार, निर्धारित 21 दिनों में क्लेम का भुगतान न होने पर बीमा कंपनी पर 12 प्रतिशत वार्षिक पेनल्टी लगाने का स्पष्ट कानूनी प्रावधान है।
कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों की रक्षा करना राजस्थान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और फसल बीमा क्लेमों के भुगतान में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी को सरकार कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। इस पूरे मामले में प्रशासनिक कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए कृषि आयुक्त श्री नरेश कुमार गोयल ने बीमा कंपनियों को 3 कार्यदिवस के भीतर अपना पक्ष रखने का अंतिम अल्टीमेटम दिया है। कंपनियों से पूछा गया है कि क्यों न लंबित क्लेमों पर देयता की तारीख से भुगतान की तारीख तक 12 प्रतिशत पेनल्टी आरोपित की जाए। साथ ही, सभी लंबित क्लेमों का तुरंत भुगतान सुनिश्चित करने की हिदायत दी गई है। सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि यदि कंपनियों ने इस समय सीमा में भुगतान नहीं किया तो उनके खिलाफ केंद्र सरकार को रिपोर्ट करने सहित बेहद सख्त दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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