सहकारिता विभाग के शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां डॉ. समित शर्मा ने मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा एवं सहकारिता मंत्री श्री गौतम कुमार दक की मंशा के अनुरूप राज्य में निर्माणाधीन गोदामों के गुणवत्तापूर्ण निर्माण एवं उनके समुचित उपयोग को सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि गोदामों के प्रभावी उपयोग से सहकारी समितियों की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।

डॉ. शर्मा बुधवार को शासन सचिवालय स्थित कमेटी रूम से वीसी के माध्यम से खण्डीय एवं इकाई अधिकारियों की मासिक समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में उन्होंने विश्व की वृहत् अन्न भण्डारण योजना के अंतर्गत 500 मीट्रिक टन, 250 मीट्रिक टन एवं 100 मीट्रिक टन क्षमता के गोदामों की स्वीकृति शीघ्र जारी कर निर्माण कार्य को तेज गति से पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही, लंबित भूमि आवंटन प्रकरणों के त्वरित निस्तारण पर विशेष जोर दिया गया।

उन्होंने कस्टम हायरिंग सेंटर्स की स्थापना में तेजी लाने और इनमें उपलब्ध कृषि उपकरणों के उपयोग एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि उपकरणों की खरीद गांव की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसहभागिता से ग्रामीणों के परामर्श के बाद ही की जाए।

बैठक में पैक्सविहीन ग्राम पंचायतों में नई प्राथमिक कृषि साख समितियों (पैक्स) के गठन की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए गए कि 31 मई तक सभी पात्र ग्राम पंचायतों में नई पैक्स स्वीकृत की जाएं तथा 20 जून तक उनका पंजीयन पूरा किया जाए। साथ ही, शेष रही पैक्स की आमसभा इसी माह अनिवार्य रूप से आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए। पैक्स कंप्यूटराइजेशन को तेज करने पर बल देते हुए कहा गया कि ऑनलाइन लेनदेन से पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी।

डॉ. शर्मा ने बताया कि ‘सहकार से समृद्धि’ की विभिन्न पहलों के क्रियान्वयन में राजस्थान अग्रणी राज्यों में शामिल है। विश्व की वृहत् अन्न भण्डारण योजना, नवीन एम-पैक्स गठन तथा भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड की सदस्यता के मामलों में राजस्थान देश के शीर्ष राज्यों में है। उन्होंने अन्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से राज्य को और अधिक अग्रणी बनाने का आह्वान किया।

उन्होंने निष्क्रिय समितियों को सक्रिय करने, अवसायनाधीन समितियों की कार्यवाही शीघ्र पूर्ण करने, पैक्स को कॉमन सर्विस सेंटर एवं प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र के रूप में उन्नत करने, बीबीएसएसएल, एनसीओएल एवं एनसीईएल की सदस्यता बढ़ाने तथा डेयरी समितियों के खातों को सहकारी बैंकों में खोलने के निर्देश दिए। साथ ही डेयरी समितियों को बैंक मित्र बनाकर माइक्रो एटीएम वितरण और उनके प्रभावी उपयोग पर भी बल दिया गया।

ई-फाइल निस्तारण की गति बढ़ाने, लंबित प्रकरणों एवं शिकायतों के समयबद्ध समाधान तथा निर्धारित समय में ऑडिट सुनिश्चित करने के निर्देश भी बैठक में दिए गए। डॉ. शर्मा ने स्पष्ट कहा कि विभाग में भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को समय पर उपस्थिति दर्ज कराने, पूरे समय कार्यालय में मौजूद रहने और आधार इनेबल्ड बायोमीट्रिक अटेंडेंस सिस्टम का अनिवार्य रूप से पालन करने के निर्देश दिए।

उन्होंने ‘स्वच्छ सहकार, समृद्ध सहकार’ अभियान को गंभीरता से लागू करने और निर्धारित कार्यों को समयबद्ध रूप से पूरा करने पर भी जोर दिया। बैठक में राजफेड के प्रबंध निदेशक श्री सौरभ स्वामी सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि अतिरिक्त रजिस्ट्रार (खण्ड), जिला उप रजिस्ट्रार, क्षेत्रीय अंकेक्षण अधिकारी, विशेष लेखा परीक्षक एवं निरीक्षक वीसी के माध्यम से जुड़े रहे। बैठक में विभागीय कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

यह समीक्षा बैठक सहकारिता क्षेत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही और ग्रामीण विकास को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

Pratahkal Bureau

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