सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम कुमार दक ने विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे पूरे मनोयोग से प्रयास कर विभागीय योजनाओं एवं गतिविधियों में अपेक्षित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से अर्जित करें। मंगलवार को शासन सचिवालय स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए श्री दक ने स्पष्ट किया कि जिन जिलों में प्रगति कम है, वहां विशेष फोकस किया जाए और अनियमितताओं के मामलों में दोषियों के विरुद्ध बिना किसी रियायत के कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए।

सहकारिता मंत्री ने विश्व की वृहत् अन्न भण्डारण योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन 500 मीट्रिक टन क्षमता के गोदामों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और उनके पूर्ण उपयोग हेतु जिला स्तर पर किराए के मापदंड तय करने के निर्देश दिए। उन्होंने कस्टम हायरिंग सेंटर्स की स्थापना में तेजी लाने के साथ ही किसानों को मिलने वाले लाभ का आकलन करने और उपलब्ध उपकरणों का डेटा तैयार करने पर जोर दिया। पैक्स कम्प्यूटराइजेशन के कार्य को गति देते हुए उन्होंने शेष रही सभी समितियों को शीघ्र 'गो-लाइव' करने तथा सहयोग न करने वाली समितियों व रिकॉर्ड उपलब्ध न कराने वाली संस्थाओं के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करवाने के सख्त निर्देश दिए।

बैठक के दौरान श्री दक ने सहकारी भूमि विकास बैंकों के बकाया ऋणों की वसूली हेतु अधिकारियों को स्वयं फील्ड में जाकर समझाइश करने और एकमुश्त समझौता योजना के तहत ब्याज व पेनल्टी माफी का लाभ ऋणियों तक पहुँचाने के निर्देश दिए। उन्होंने फर्जी ऋण वितरण करने वाले कार्मिकों पर एफआईआर दर्ज कराने, प्रत्येक जिले में कम से कम 5 समितियों को नवीन गतिविधियों के साथ मॉडल के रूप में विकसित करने और भारतीय बीज सहकारी समिति लि., राष्ट्रीय सहकारी ऑर्गेनिक्स लि. व राष्ट्रीय सहकारी निर्यात लि. की सदस्यता बढ़ाने को कहा। साथ ही, राजस्थान सहकारी गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना के तहत पात्र किसानों को बिना शिकायत लाभ देने और पशुधन के माध्यम से आय बढ़ाने पर बल दिया गया।

शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार डॉ. समित शर्मा ने निर्देशित किया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद का कार्य पूर्ण पारदर्शिता और शून्य शिकायत के साथ संपन्न होना चाहिए। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा गेहूं खरीद पर 150 रुपये प्रति क्विंटल बोनस दिए जाने से बम्पर खरीद की संभावना है, जिसके लिए सभी तैयारियां चाक-चौबंद रखी जाएं। डॉ. शर्मा ने जनसुनवाई के प्रकरणों का समय पर निस्तारण करने, राज सहकार पोर्टल और ई-फाइल प्रणाली का पूर्ण उपयोग करने तथा अधिकारियों की रैंकिंग हेतु रैंकिंग सिस्टम लागू करने के निर्देश दिए। बैठक में राजफेड के प्रबंध निदेशक श्री सौरभ स्वामी सहित शीर्ष संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे, जबकि क्षेत्रीय व जिला स्तर के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सम्मिलित हुए।

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