सहकारिता से ग्रामीण समृद्धि व रोजगार सृजन को गति, CM भजनलाल का बड़ा बयान नई दिल्ली
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सहकारिता बैठक में ग्रामीण विकास योजनाओं, डिजिटलीकरण और नई पहलों पर चर्चा कर राजस्थान मॉडल को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जयपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास पर सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं।
जयपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि सहकारिता ग्रामीण समृद्धि और रोजगार सृजन का प्रभावी माध्यम है, जिससे किसानों, पशुपालकों, युवाओं और ग्रामीण परिवारों के लिए नए अवसर सृजित होते हैं तथा गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है। उन्होंने कहा कि राजस्थान सहकारिता के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में उभर रहा है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ’सहकार से समृद्धि’ के विजन को धरातल पर उतारते हुए राज्य सरकार सहकारी संस्थाओं को लगातार सशक्त कर रही है। यह बैठक मुख्यमंत्री निवास पर रविवार को आयोजित हुई, जिसमें सहकारिता विभाग की गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने बैठक में निर्देश दिए कि सहकारिता विभाग द्वारा निर्मित गोदामों का समुचित एवं अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए तथा सहकारिता के दायरे को नई गतिविधियों तक विस्तार देते हुए नवाचारों को बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने सहकारी मॉडल आधारित ‘भारत टैक्सी’ पहल को प्रदेश में प्रोत्साहित करने और प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्रों को बढ़ावा देने के भी निर्देश दिए।
इसी बीच सहकारिता क्षेत्र की उपलब्धियों को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने की तैयारी भी तेज हो गई है। उल्लेखनीय है कि केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के मुख्य आतिथ्य में सोमवार, 6 जुलाई को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में सहकारिता मंत्रालय का 5वां स्थापना दिवस समारोह आयोजित होगा। इस समारोह में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी शामिल होंगे, जहां राजस्थान के सहकारिता मॉडल की नवाचार, सुधार और उपलब्धियों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित किया जाएगा।
राज्य सरकार के अनुसार सहकारी संस्थाओं के डिजिटलीकरण में राजस्थान ने उल्लेखनीय प्रगति की है। विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना के अंतर्गत राज्य में 200 गोदाम स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 120 का निर्माण पूर्ण हो चुका है। इस उपलब्धि के साथ राजस्थान इस योजना के क्रियान्वयन में देश में प्रथम स्थान पर है। इसके अलावा प्राथमिक कृषि ऋण समितियों को भारतीय बीज सहकारी समिति की सदस्यता दिलाने, नई बहुउद्देश्यीय सहकारी समितियों के गठन, ई-पैक्स के कम्प्यूटरीकरण तथा 10 करोड़ से अधिक ईआरपी ट्रांजेक्शन के माध्यम से सहकारी संस्थाओं के डिजिटलीकरण में भी राजस्थान अग्रणी राज्य बना हुआ है।
प्रदेश में पैक्स अब कॉमन सर्विस सेंटर, प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र और किसान उत्पादक संगठन जैसी बहु-सेवाएं संचालित कर ग्रामीण सेवा वितरण का प्रभावी मॉडल बन चुकी हैं। सहकारिता क्षेत्र में पारदर्शिता और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देते हुए राजस्थान में किसान सम्मान निधि, गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना और रिस्क रीलीफ फंड स्कीम का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है।
वर्ष 2025-26 में सहकारी बैंकों एवं पैक्स द्वारा वितरित फसली ऋणों की 97.48 प्रतिशत वसूली दर्ज की गई है। वहीं राजफेड द्वारा समर्थन मूल्य खरीद में भुगतान प्रणाली को और प्रभावी बनाते हुए किसानों को भुगतान अवधि 15 दिनों से घटाकर मात्र 4 से 5 दिन कर दिया गया है। सहकार सदस्यता अभियान के तहत प्रदेशभर में 8.90 लाख नए सदस्य सहकारिता से जोड़े गए हैं।
बैठक में सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार दक, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित मुख्यमंत्री कार्यालय, वित्त एवं सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

