जयपुर, 20 मई। भारत सरकार द्वारा सहकारिता मंत्रालय के गठन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में 'सहकारिता से समृद्धि' तथा 'सहकारिता में सहकार' के मंत्र के साथ देश में एक नए युग का सूत्रपात हुआ है। इसी क्रम में राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार ने सहकारिता में भ्रष्टाचार के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' का संकल्प लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के विजन को धरातल पर उतारने के लिए प्रदेश के सहकारिता मंत्री गौतम दक के नेतृत्व एवं निर्देशानुसार, शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार सहकारिता डॉ. समित शर्मा ने कार्यभार संभालते ही विभाग, सहकारी बैंकों एवं समस्त सहकारी संस्थाओं में एक जवाबदेह, अनुशासित एवं कुशल कार्य संस्कृति की पुनर्स्थापना का बीड़ा उठाया है, जिसके परिणाम स्वरूप विभाग में चमत्कारिक सुधार परिलक्षित हो रहे हैं।

ऑल राजस्थान कॉ-आपरेटिव बैंक एम्पलाईज यूनियन, ऑल राजस्थान कॉ-आपरेटिव बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के प्रांतीय महासचिव एवं सहकारी साख समितियाँ एम्पलाईज यूनियन राजस्थान के प्रांतीय अध्यक्ष, सहकार नेता सूरज भान सिंह आमेरा ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में स्पष्ट किया कि सहकारिता मंत्री के दिशा-निर्देशों में डॉ. समित शर्मा द्वारा पुरुष एवं महिला कार्मिकों के लिए समान रूप से बायोमेट्रिक उपस्थिति को अनिवार्य करना एक सराहनीय प्रशासनिक कदम है। संगठन पैक्स से लेकर अपैक्स तक इस निर्णय का स्वागत करता है। इसके साथ ही, प्रत्येक कार्मिक के लिए उनकी सीट पर 'टू-डू लिस्ट' (To-do List) तैयार कर कार्य के प्रति जवाबदेही तय की गई है, जिससे कार्यों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित हो रहा है। अधिकांश कार्मिकों ने इस क्रांतिकारी पहल को सकारात्मक रूप से स्वीकार किया है।

सूरज भान सिंह आमेरा ने बताया कि विभाग में पारदर्शिता, भ्रष्टाचार मुक्त शासन और आम जन का विश्वास बहाल करने हेतु डॉ. समित शर्मा द्वारा निरंतर सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सहकारिता की पुरानी सुविधाभोगी कार्य संस्कृति में बदलाव से कुछ विघ्न-संतोषी तत्व इस पारदर्शी व्यवस्था का विरोध कर रहे हैं और इसे अनावश्यक रूप से लिंग भेद का रंग देने का निरर्थक प्रयास कर रहे हैं। संगठन ऐसे तत्वों द्वारा समाचार पत्रों एवं सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे तथ्यहीन और मनगढ़ंत दुष्प्रचार की कड़ी भर्त्सना करता है।

उन्होंने दोहराया कि विभाग में सभी निर्णय बिना किसी भेदभाव के समान रूप से लागू किए गए हैं। शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार कार्यालय द्वारा कार्यालय समय में आमजन और कार्मिकों से सद्भावपूर्ण संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का प्राथमिकता से निस्तारण किया जा रहा है। सहकार नेता आमेरा ने सभी कार्मिकों से आह्वान किया कि वे सहकारिता आंदोलन के व्यापक हित में इन नवाचारों को सकारात्मक दृष्टि से स्वीकार करें। सहकारिता मंत्री गौतम दक एवं डॉ. समित शर्मा के कुशल नेतृत्व में सहकारिता विभाग भ्रष्टाचार मुक्त, कुशल एवं पारदर्शी संस्था के रूप में नई पहचान बना रहा है, जो राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत स्वागत योग्य कदम है।

Pratahkal HQ

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