जिला केन्द्रीय सहकारी बैंकों और एम-पैक्स के कार्यों की राज्य स्तरीय समीक्षा के दौरान शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारिता डॉ. समित शर्मा ने कहा कि ग्रामीण राजस्थान और किसानों को समृद्ध बनाने में जिला केन्द्रीय सहकारी बैंकों तथा एम-पैक्स की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने सभी सहकारी बैंकों और एम-पैक्स से राज्य एवं केन्द्र सरकार की मंशा के अनुरूप योजनाओं का लाभ किसानों, पशुपालकों, महिलाओं और युवाओं तक पहुंचाने के लिए समन्वित रूप से कार्य करने का आह्वान किया।

शासन सचिवालय स्थित मंथन सभागार से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में डॉ. शर्मा ने सभी जिला केन्द्रीय सहकारी बैंकों के प्रबंध निदेशकों, अधिशाषी अधिकारियों, बैंक कार्मिकों और एम-पैक्स के व्यवस्थापकों को संबोधित करते हुए कहा कि कर्मचारियों का समय पर कार्यस्थल पर उपस्थित होना तथा पूर्ण सदाशयता और बिना किसी भेदभाव के सेवाएं देना उनका कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि सभी को मिलकर सहकारी योजनाओं की प्रभावी क्रियान्विति सुनिश्चित करनी होगी ताकि प्रदेश देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त कर सके।

बैठक में जिला केन्द्रीय सहकारी बैंकों द्वारा ‘सहकार से समृद्धि’ अभियान के तहत किए जा रहे कार्यों का ‘की परफोरमेंस इंडीकेटर्स’ (के.पी.आई.) के आधार पर मूल्यांकन किया गया। इसमें विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना के तहत गोदामों के प्रस्ताव, उनके निर्माण और उपयोग, पैक्स के कम्प्यूटराइजेशन तथा तकनीक के वास्तविक उपयोग, पैक्स के व्यवसाय का विविधीकरण, एम-पैक्स में नए सदस्य बनाना, ऋण वितरण, आई4सी और सीजीटीएमएसई की सदस्यता, ‘सहकारिता में सहकार’ योजना के तहत दुग्ध उत्पादक समितियों के सहकारी बैंकों में खाते खोलना, बैंक मित्र नियुक्त करना, माइक्रो एटीएम के माध्यम से डोर-स्टेप बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराना तथा अन्य बैंकिंग गतिविधियों को आधार बनाया गया।

के.पी.आई. आधारित इस मूल्यांकन में सीकर जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक ने 67.42 अंक प्राप्त कर प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया। बूंदी जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक दूसरे और जोधपुर जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक तीसरे स्थान पर रहे।

डॉ. शर्मा ने बताया कि भारत सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर एक समान मानकों के आधार पर पैक्स की परफोरमेंस रैंकिंग के लिए के.पी.आई. निर्धारित किए हैं। इन्हीं मानकों के अनुरूप प्रदेश की एम-पैक्स का मूल्यांकन किया जाएगा और प्रत्येक माह उनकी रैंकिंग जारी की जाएगी। उन्होंने कहा कि पैक्स में उपलब्ध संसाधन, सदस्यों तक पहुंच, वित्तीय स्थिति, ऋण वितरण, ऑडिट और उसकी अनुपालना, अकृषि गतिविधियों का संचालन तथा पैक्स कम्प्यूटराइजेशन सहित विभिन्न मानकों के आधार पर असेसमेंट किया गया है।

इस माह के मूल्यांकन में नीमोद ग्राम सेवा सहकारी समिति ने 77.50 अंक प्राप्त कर प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया। बूंदी जिले की भीया ग्राम सेवा सहकारी समिति 76.50 अंक के साथ दूसरे स्थान पर रही, जबकि घाट का बराना ग्राम सेवा सहकारी समिति 74 अंक लेकर तीसरे स्थान पर रही। डॉ. शर्मा ने कहा कि सभी एम-पैक्स की प्रत्येक माह रैंकिंग जारी की जाएगी, जिससे स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा और वे अपने सदस्यों को अधिक से अधिक सेवाएं देकर उनके विकास में योगदान दे सकेंगे।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान सहकारिता के माध्यम से उन्नति की संभावनाओं और उसकी शक्ति को दर्शाने वाली एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई। इसके साथ ही भगवान पुरा ग्राम सेवा सहकारी समिति और नीमोद ग्राम सेवा सहकारी समिति की सफलता की कहानियों पर आधारित वीडियो भी दिखाए गए। बैठक के दौरान ‘सहकार से समृद्धि’, ‘सहकारिता में सहकार’, सहकारी योजनाओं और बैंकिंग प्रणाली से जुड़े 16 प्रश्नों की ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी का आयोजन भी किया गया, जिसमें 5 हजार से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। यह समीक्षा बैठक सहकारी बैंकों और एम-पैक्स के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने के साथ-साथ सहकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और प्रतिस्पर्धात्मक कार्यसंस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण रही।

Pratahkal Bureau

Pratahkal Bureau

प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story