राजस्थान में संविदा नर्सों की सेवाएं समाप्त किए जाने और दीपक खारवाल की मृत्यु के बाद आंदोलन तेज हो गया है। जयपुर सहित कई जिलों में धरना-प्रदर्शन जारी है, जबकि कर्मचारी संगठनों का समर्थन भी बढ़ता जा रहा है।

राजस्थान में संविदा नर्सों की सेवाएं समाप्त किए जाने और संविदा नर्स दीपक खारवाल की मृत्यु के बाद नर्सिंग समुदाय का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में शनिवार को जयपुर के कांवटिया चिकित्सालय में राजस्थान नर्सेज संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर व्यापक विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शन के दौरान नर्सिंगकर्मियों ने दो घंटे का कार्य बहिष्कार किया, जबकि एसएमएस मेडिकल कॉलेज के मुख्य द्वार पर अनिश्चितकालीन धरना आठवें दिन भी जारी रहा।

कांवटिया चिकित्सालय में आयोजित विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कैलाश कशाना, यजुवेंद्र यादव और राकेश नेहरा ने किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि प्रदेश के विभिन्न चिकित्सालयों में वर्षों से कार्यरत हजारों संविदा नर्सों को अचानक और असंवैधानिक तरीके से सेवा से हटाया गया है। संघर्ष समिति ने सरकार से पूर्व में किए गए वादे के अनुसार सभी प्रभावित नर्सों को पुनः नियुक्त करने की मांग दोहराई।

आंदोलन को शनिवार को शिक्षक संघ शेखावत का भी समर्थन मिला। शिक्षक संघ शेखावत के प्रदेशाध्यक्ष एवं संयुक्त कर्मचारी महासंघ के प्रदेश मंत्री महावीर सिहाग धरनास्थल पर पहुंचे और नर्सिंगकर्मियों के आंदोलन के प्रति एकजुटता व्यक्त की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र समाधान नहीं निकाला तो संयुक्त कर्मचारी महासंघ पूरे प्रदेश में विरोध अभियान शुरू करेगा।

धरना स्थल पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए नर्सेज संयुक्त संघर्ष समिति के प्रदेश संयोजक राजेंद्र राणा, विनीता शेखावत, गुड्डी सैनी, जे.पी. कसवां, के.के. यादव और विमल शर्मा ने कहा कि सरकार की संवेदनहीनता के विरोध में प्रदेशभर के नर्सिंगकर्मी शोक दिवस मनाते हुए सामूहिक अवकाश पर जाने की तैयारी कर रहे हैं। इस संबंध में आगे की रणनीति तय करने के लिए रविवार को दोपहर 12 बजे सवाई मानसिंह चिकित्सालय में प्रदेश एवं जिला स्तर के संयोजकों तथा जयपुर के विभिन्न चिकित्सालयों के प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की जाएगी।

संघर्ष समिति के अनुसार जयपुर, उदयपुर, जोधपुर, करौली, श्रीगंगानगर और बाड़मेर सहित प्रदेश के अनेक जिलों में भी नर्सिंगकर्मियों ने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। आंदोलन के विस्तार और विभिन्न कर्मचारी संगठनों के बढ़ते समर्थन ने इस मुद्दे को प्रदेशव्यापी स्वरूप दे दिया है। अब सभी की निगाहें आगामी रणनीतिक बैठक और सरकार की संभावित प्रतिक्रिया पर टिकी हुई हैं।

Pratahkal Bureau

Pratahkal Bureau

प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story