वाणिज्यिक कर विभाग ने कर चोरी, अपात्र इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) और अन्य कर अनियमितताओं के खिलाफ सप्ताहांत में राज्यव्यापी विशेष अभियान चलाते हुए उदयपुर, जयपुर, जोधपुर, पाली, चूरू, श्रीगंगानगर और बीकानेर सहित विभिन्न जिलों में सर्वे एवं जांच कार्रवाई की। प्रारंभिक जांच में निर्माण कार्य, वस्त्र उद्योग, रेस्टोरेंट एवं आतिथ्य, सुरक्षा सेवाओं तथा विनिर्माण क्षेत्र से जुड़े कई मामलों में अपात्र आईटीसी, निरस्त पंजीकरण वाले करदाताओं से खरीद, कर देयता कम दर्शाने और अन्य कर अनियमितताओं के संकेत मिले हैं।

जोधपुर जिले के ओसियां स्थित मारुधर कंस्ट्रक्शन कंपनी के विरुद्ध कार्रवाई में पात्रता से अधिक और अपात्र इनपुट टैक्स क्रेडिट के उपयोग का मामला सामने आया। जांच के दौरान लगभग 42 लाख रुपए की संभावित कर अनियमितता चिन्हित की गई। करदाता ने लगभग 38.57 लाख रुपए की राशि स्वेच्छा से जमा कराई।

पाली स्थित कृष्णा टेक्सटाइल में प्रारंभिक जांच के दौरान निरस्त एवं फर्जी फर्मों से प्राप्त इनपुट टैक्स क्रेडिट का मामला सामने आया। लगभग 13.97 लाख रुपए की संभावित कर अनियमितता चिन्हित होने के बाद करदाता ने 1.50 लाख रुपए की कर राशि तथा दंड की राशि स्वेच्छा से जमा कराई। शेष राशि जमा कराने के लिए करदाता ने समय का अनुरोध किया।

चूरू जिले के रतनगढ़ स्थित श्री बालाजी कंस्ट्रक्शन एंड सप्लायर्स में लगभग 50 लाख रुपए के अपात्र इनपुट टैक्स क्रेडिट का मामला सामने आया। प्रारंभिक जांच में निरस्त पंजीकरण वाले करदाता से इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने के संकेत मिले हैं। मामले की विस्तृत जांच जारी है।

उदयपुर स्थित ओमेगा लीजर लाउंज प्राइवेट लिमिटेड में रेस्टोरेंट सेवाओं पर अपात्र इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने और रिवर्स चार्ज दायित्व का पालन नहीं करने के संकेत मिले। कार्रवाई के दौरान करदाता ने 11 लाख रुपए की राशि स्वेच्छा से जमा कराई।

जयपुर के वैशाली नगर स्थित कर्णी सेफ सिक्योरिटी सर्विसेज में अतिरिक्त इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने और जीएसटी रिटर्न में कर देयता कम दर्शाने की अनियमितताएं सामने आईं। जांच के दौरान करदाता ने लगभग 10.17 लाख रुपए की राशि स्वेच्छा से जमा कराई।

श्रीगंगानगर जिले के सूरतगढ़ स्थित जे.बी. एंड कंपनी के विरुद्ध कार्रवाई में लगभग 82.80 लाख रुपए के फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट का मामला सामने आया। जांच के दौरान यह भी पाया गया कि संबंधित कार्य से जुड़े भुगतानों को सुरक्षित रखने के लिए संबंधित एजेंसियों को आवश्यक सूचना दी गई है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।

बीकानेर जिले में भी दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई की गई। श्री राम के मामले में निरस्त पंजीकरण वाली फर्म से खरीद और संदिग्ध इनपुट टैक्स क्रेडिट से जुड़ी लगभग 20 लाख रुपए की संभावित कर अनियमितता सामने आई। वहीं, तावरी वायरॉन के मामले में बिक्री एवं स्टॉक से संबंधित लेन-देन, कर देयता के समायोजन तथा इनपुट टैक्स क्रेडिट के उपयोग में अनियमितताओं के संकेत मिले हैं। दोनों मामलों की विस्तृत जांच जारी है।

बीकानेर जिले के बज्जू स्थित श्री कृष्णा कंस्ट्रक्शन कंपनी के विरुद्ध कार्रवाई में निरस्त पंजीकरण वाले करदाता से इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने और पात्रता से अधिक आईटीसी का दावा करने का मामला सामने आया। जांच के दौरान करदाता ने 5.54 लाख रुपए की राशि स्वेच्छा से जमा कराई।

इन सभी मामलों में संबंधित करदाताओं के लेखा अभिलेखों, खरीद-बिक्री विवरण और अन्य दस्तावेजों की विस्तृत जांच जारी है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

ये कार्रवाईयां वाणिज्यिक कर विभाग की संबंधित जोनल टीमों द्वारा सप्ताहांत के दौरान संचालित विशेष अभियान के अंतर्गत की गईं।

वाणिज्यिक कर विभाग ने कहा है कि कर चोरी, अपात्र इनपुट टैक्स क्रेडिट, फर्जी बिलिंग और अन्य कर अनियमितताओं के विरुद्ध राज्यभर में अभियान लगातार जारी रहेगा तथा राजस्व को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Pratahkal Hub

Pratahkal Hub

प्रातःकाल हब, दै.प्रातःकाल की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रातःकाल हब राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।"

Next Story